50 करोड़ का लैंड स्कैम: मुंबई EOW ने अंधेरी के फर्नीचर डीलर संदीप गड़ा को किया गिरफ्तार

पुलिस जांच में सामने आया कि बोरिवली के वलनाई गांव (सर्वे नं. 36) की जमीन फर्जी कागजात बनवाकर हड़पी गई. इन दस्तावेजों की मदद से अवैध तरीके से बिल्डिंग परमिशन हासिल की गई और निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया.

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EOW की टीम अब फाइनेंशियल ट्रेल और अन्य सहयोगियों की भूमिका की पड़ताल में जुटी है.
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  • मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग ने लैंड स्कैम मामले में फर्नीचर व्यापारी को गिरफ्तार किया है.
  • संदीप गड़ा पर फर्जी जमीन सौदेबाजी और दस्तावेजों की हेराफेरी करने का आरोप है, जिसकी जांच अभी जारी है.
  • पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं में मामला दर्ज किया है, जिनमें धोखाधड़ी और जालसाजी शामिल हैं.
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मुंबई:

मुंबई पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग (EOW) ने 50 करोड़ रुपये के लैंड स्कैम मामले में बड़ी कार्रवाई की है. अधिकारियों ने अंधेरी (पश्चिम) के एस.वी. रोड स्थित आवेज हाइट्स में रहने वाले 39 वर्षीय फर्नीचर और प्लाईवुड व्यापारी संदीप बाबूलाल गड़ा को हिरासत में लिया है. EOW  सूत्रों के अनुसार  गड़ा के खिलाफ ठोस सबूत मिलने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया. जांच में सामने आया कि वह फर्जी जमीन सौदेबाजी और दस्तावेज़ों की हेराफेरी में शामिल था.  शुक्रवार को आरोपी को एस्प्लेनेड कोर्ट में पेश किया जाएगा. पुलिस ने बताया कि इस पूरे फाइनेंशियल फ्रॉड में और कौन-कौन शामिल था, इसकी जांच फिलहाल जारी है.

कई धाराओं में मामला दर्ज

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की कई धाराएं लगाई हैं — इनमें धारा 111 (उकसाना), 318(2)(4) (धोखाधड़ी), 336(3), 338 (जालसाजी और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल), 339 से 342 (आपराधिक विश्वासघात, साजिश और अकाउंट्स में हेराफेरी), 61(2) (धमकी देना) और 3(5) (सामूहिक इरादा) शामिल हैं.

पहले भी गिरफ्तार हुआ था बिल्डर

इसी केस में कुछ महीने पहले EOW ने ठाणे के बिल्डर मनोज बालवंत सावंत (56) को गिरफ्तार किया था. आरोप है कि उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर बोरिवली इलाके में जमीन से जुड़े फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उस पर अवैध निर्माण कराया.

मामला कैसे शुरू हुआ

इस स्कैम का खुलासा तब हुआ जब अल्फ्रेड अल्मेडा, जो मलाड (पश्चिम) के रहने वाले हैं, ने बांगुर नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में कहा गया कि 2006 से लेकर जून 2025 के बीच कुछ लोगों ने मिलकर उनके साथ करोड़ों की धोखाधड़ी की. जांच के बाद पुलिस ने 22 अगस्त 2025 को एफआईआर दर्ज की.

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जमीन हड़पने और फर्जी दस्तावेजों का खेल

पुलिस जांच में सामने आया कि बोरिवली के वलनाई गांव (सर्वे नं. 36) की जमीन फर्जी कागजात बनवाकर हड़पी गई. इन दस्तावेजों की मदद से अवैध तरीके से बिल्डिंग परमिशन हासिल की गई और निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया.

EOW की जांच में कई कंपनियों और व्यक्तियों के नाम सामने आए हैं, जिनमें मुरल बिल्डर्स एंड डेवलपर्स के शेयरहोल्डर्स मोहम्मदअख्तर मोहम्मद इसाक शेख, केतन पटेल, सागर पटेल, विमल पटेल, साथ ही मास्टर सिविल कंस्ट्रक्शन के पार्टनर मनोज रावत औरउनके परिवार के सदस्य, शमसुद्दीन कुरैशी और अन्य लोग शामिल हैं.

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EOW की टीम अब फाइनेंशियल ट्रेल और अन्य सहयोगियों की भूमिका की पड़ताल में जुटी है.

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