छत्तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा में सुरक्षाबलों के साथ दो अलग-अलग मुठभेड़ में 14 नक्सली ढेर हो गए हैं. सुरक्षाबलों को सुकमा से 12 नक्सलियों के शव मिले हैं जबकि बीजापुर से 2 नक्सलियों के शव मिले हैं. मिली जानकारी के मुताबिक बीजापुर में 2 नक्लियों के शव मिले हैं. इसमें हंगमा मदकाम की लाश भी मिली है. माओवादियों के पास से 1 एसएलआर और एक 12 बोर का रायफल मिला है. पुलिस ने बताया कि बीजापुर जिले के गंगापल्ली गांव में सुरक्षाबलों के साथ नक्सलियों की मुठभेड़ हुई थी. सुरक्षाबलों के सूत्रों के अनुसार अभी मुठभेड़ जारी है.
31 मार्च तक नक्सलवाद का सफाया
गौरतलब है कि गृह मंत्री अमित शाह ने ऐलान किया है कि इस साल के मार्च तक देश को नक्सल मुक्त घोषित हो जाएगा. उन्होंने साफ शब्दों में घोषणा की कि पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार 31 मार्च 2026 तक देश से लाल आतंक को जड़ से खत्म कर देगी.
रेड कॉरिडोर से नक्सलवाद का सफाया
गृह मंत्री ने कहा था कि पशुपति से तिरुपति तक का यह इलाका कभी रेड कॉरिडोर के नाम से जाना जाता था. अपने चरम पर इस क्षेत्र में देश के 70 प्रतिशत इलाके शामिल थे और लगभग 12 करोड़ लोग नक्सलवाद के प्रभाव और खतरे में रहते थे. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने संवाद, सुरक्षा और समन्वय, तीनों पहलू पर काम करने की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि 31 मार्च 2026 तक इस देश से हथियारबंद नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा.
तलाशी अभियान अभी जारी
सुरक्षाबलों अभी इलाके की तलाशी जारी रखी है. माना जा रहा है कि नक्सलियों की संख्या बढ़ने की संभावना है.गौरतलब है कि पहली मुठभेड़ सुकमा जिले के किस्ताराम इलाके में हुई, जहां सुरक्षा बल खुफिया जानकारी के आधार पर तलाशी अभियान चला रहे थे. जैसे ही टीम जंगल से गुजरी, उन पर नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने भी पलटवार किया और भीषण गोलीबारी हुई.
नक्सली नेता सचिन मंगडू भी ढेर
सुरक्षा बलों ने इस मुठभेड़ में 12 से अधिक नक्सलियों को मार गिराया, हालांकि अभियान जारी रहने के कारण सटीक संख्या की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. मारे गए लोगों में कोंटा क्षेत्र समिति के वरिष्ठ नक्सली नेता सचिन मंगडू भी शामिल है.














