- तेलंगाना पुलिस महानिदेशक के अनुसार कुल एक सौ तीस माओवादियों ने हाल ही में आत्मसमर्पण किया है.
- छत्तीसगढ़ के एक सौ पच्चीस माओवादियों ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है.
- माओवादी नेता थिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी के नेतृत्व में पूरी पीएलजीए समिति ने हथियार डालने का फैसला किया.
तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने कहा कि कुल 130 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है. छत्तीसगढ़ के 125 माओवादियों ने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया. इसके साथ ही, समर्पण करने वालों में 4 सदस्य तेलंगाना से और 1 सदस्य आंध्र प्रदेश से संबंधित है.
आत्मसमर्पण करने वालों में 3 राज्य समिति सदस्य, 1 क्षेत्रीय समिति सदस्य, 10 मंडल समिति सदस्य, 46 क्षेत्र समिति सदस्य और 70 पार्टी सदस्य शामिल थे. आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने पुलिस को 124 हथियार सौंपे, जिनमें 1 INSAS LMG राइफल, 31 AK-47 राइफलें, 21 INSAS राइफलें, 20 SLR राइफलें, 18 .303 राइफलें और 33 अन्य हथियार शामिल थे.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ माओवादी नेता थिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी के नेतृत्व वाली पूरी पीएलजीए समिति ने हथियार डालने और मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया है. प्रतिबंधित कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) के वरिष्ठ नेता देवजी, जिन पर भारी इनाम था, ने इससे पहले हैदराबाद में तेलंगाना के डीजीपी के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था.
अधिकारियों ने बताया कि कमांडरों और संभागीय समिति के सदस्यों समेत करीब 130 माओवादी कैडरों ने तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है, जो हाल के वर्षों में हुए सबसे बड़े आत्मसमर्पणों में से एक है.
आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर, सुरक्षा बलों ने मुलुगु और कोथागुडेम जिलों के वन क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया और माओवादी ठिकानों से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए.
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्य के डीजीपी, खुफिया प्रमुख और एसआईबी प्रमुख के साथ दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और 31 मार्च की माओवाद समाप्ति की समय सीमा से पहले राज्य में चल रहे माओवादी विरोधी अभियान के बारे में केंद्र सरकार को जानकारी दी थी.
ये भी पढें : ईरान के पास बैलिस्टिक मिसाइलें अब 1000 से भी कम, ड्रोन हमले भी घटे... NDTV से बोले यूरेशिया ग्रुप अध्यक्ष














