बिहार कांग्रेस में 'घमासान'? शक्ति सिंह गोहिल की प्रदेश प्रभारी पद से मुक्त करने की दरख्वास्त

गोहिल की ओर से यह अनुरोध ऐसे समय किया गया है जब पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों को हार का मुंह देखना पड़ा था.  

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गोहिल ने निजी कारणों का हवाला देते हुए पद से मुक्त करने का किया आग्रह (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:

नेतृत्व संकट और हालिया चुनावों में हार के चलते आलोचनाएं झेल रही कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल (Shaktisinh Gohil) ने पार्टी आलाकमान से अनुरोध किया कि उन्हें प्रदेश प्रभारी पद से मुक्त कर दिया जाए. गोहिल की ओर से यह अनुरोध ऐसे समय किया गया है जब पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों को हार का मुंह देखना पड़ा था.  

कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, "कुछ निजी कारणों के चलते, मैंने कांग्रेस हाईकमान से बिहार प्रभारी के पद से मुक्त करने और कुछ महीनों तक कुछ और पोस्ट देने का अनुरोध किया है." गोहिल ने अपने ट्वीट में कहा, "निजी कारणों से मैंने कांग्रेस आलाकमान से गुज़ारिश की है कि मुझे लाइट जिम्मेवारी दी जाए और बिहार के प्रभार से मुक्त किया जाए."

बता दें कि साल 2020 के आखिर में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए 125 सीटें जीतकर सरकार बनाने में कामयाब रही. बीजेपी को 74 सीटों पर जबकि नीतीश कुमारी की पार्टी जनता दल यूनाइटेड को 43 पर जीत मिली. एनडीए में सहयोगी विकासशील इंसान पार्टी और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा को 4-4 सीटें मिलीं. 

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चुनाव में महागठबंधन को हार का सामना करना पड़ा. महागठबंधन कुल 110 सीट जीत सका. इसमें राष्ट्रीय जनता दल को 75, कांग्रेस को 19 और लेफ्ट पार्टियों को 16 सीटें मिलीं. 

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