मटर के दाने जितनी छोटी ये ग्रंथि, नींद से लेकर मूड तक को करती है कंट्रोल

छोटी होने के बावजूद, यह ग्रंथि हमारे जीवन पर बड़ा प्रभाव डालती है. नींद, मूड, मानसिक स्पष्टता और आत्मचेतना सब कुछ इसी पर निर्भर है. इसलिए इसे नजरअंदाज करना आपको भारी पड़ सकता है. 

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बच्चों में यह ग्रंथि सबसे सक्रिय होती है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ इसकी क्रियाशीलता धीरे-धीरे कम होती जाती है.

Pineal gland function in body : हमारे दिमाग के अंदर एक छोटी सी ग्रंथि होती है, जिसका आकार मटर के दाने जितना होता है, लेकिन इसकी भूमिका बहुत बड़ी होती है.  इसे पीनियल ग्रंथि (pineal gland) कहा जाता है. यह आपकी नींद, मूड और चेतना तक सब कुछ कंट्रोल करती है. आयुर्वेद और योग में इसे आज्ञा चक्र से जोड़ा गया है. यह हमारी बुद्धि, अंतर्ज्ञान और मानसिक स्पष्टता का केंद्र है. तो आइए जानते हैं यह हमारे शरीर में क्या-क्या काम करती है.

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पीनियल ग्रंथि का क्या है काम

पीनियल ग्रंथि का मुख्य काम है मेलाटोनिन हार्मोन बनाना. यह हार्मोन हमारी नींद-जागने की घड़ी यानी सर्केडियन रिदम को नियंत्रित करता है. जब अंधेरा होता है, तो यह ज्यादा मेलाटोनिन बनाती है, जिससे नींद आती है. वहीं, दिन में इसकी मात्रा कम होती है, जिससे शरीर जागृत और सक्रिय रहता है. 

यही कारण है कि नींद न आने, थकान या मूड बदलने जैसी समस्याओं का मूल कारण अक्सर पीनियल ग्रंथि की निष्क्रियता हो सकती है.

इसके अलावा, पीनियल ग्रंथि हार्मोनल संतुलन बनाने में भी मदद करती है. यह पिट्यूटरी और हाइपोथैलेमस ग्रंथियों को प्रभावित करके पूरे शरीर में हार्मोन की नियमितता बनाए रखती है. 

यही नहीं, इसमें मौजूद मेलाटोनिन एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है, जो कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से बचाता है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करता है. बच्चों में यह ग्रंथि सबसे सक्रिय होती है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ इसकी क्रियाशीलता धीरे-धीरे कम होती जाती है.

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छोटी होने के बावजूद, यह ग्रंथि हमारे जीवन पर बड़ा प्रभाव डालती है. नींद, मूड, मानसिक स्पष्टता और आत्मचेतना सब कुछ इसी पर निर्भर है. इसलिए इसे नजरअंदाज करना आपको भारी पड़ सकता है. 
पीनियल ग्रंथि को कैसे रखें एक्टिव

पीनियल ग्रंथि को सक्रिय रखने के कई सरल उपाय हैं. रोजाना सुबह हल्की धूप में 5-10 मिनट बैठना, ध्यान और प्राणायाम करना, हल्दी और काली मिर्च वाला दूध पीना, शुद्ध पानी पीना और फ्लोराइड से बचना इसके लिए बेहद फायदेमंद हैं. साथ ही, मोबाइल और लैपटॉप की नीली रोशनी से दूरी बनाए रखना और सही समय पर सोना भी इसे स्वस्थ रखता है.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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