Union Budget 2026: संसद में बजट 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयुर्वेद और ट्रेडिशनल मेडिसिन को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं. इन घोषणाओं का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना नहीं, बल्कि किसानों, शोधकर्ताओं और भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणाली को वैश्विक मंच पर स्थापित करना भी है. बजट भाषण में साफ संदेश दिया गया कि आयुर्वेद भारत की सांस्कृतिक विरासत ही नहीं, बल्कि भविष्य की आर्थिक और स्वास्थ्य शक्ति भी बन सकता है.
3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान की घोषणा
बजट 2026 में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की घोषणा की गई है. इन संस्थानों से आयुर्वेद शिक्षा, प्रशिक्षण और शोध को नई दिशा मिलेगी. यहां आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों के साथ पारंपरिक ज्ञान को जोड़ा जाएगा, जिससे आयुर्वेद को और ज्यादा प्रमाणिक और प्रभावी बनाया जा सकेगा. इससे देश को कुशल वैद्य, शोधकर्ता और हेल्थ प्रोफेशनल्स मिलेंगे.
आयुर्वेद निर्यात से किसानों को सीधा फायदा
हाई क्वालिटी वाले आयुर्वेद प्रोडक्ट्स के निर्यात पर सरकार का खास जोर है. जब आयुर्वेदिक दवाएं, तेल और हर्बल प्रोडक्ट्स अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंचते हैं, तो इसका सीधा लाभ औषधीय जड़ी-बूटियां उगाने वाले किसानों को मिलता है. इससे किसानों की आय बढ़ेगी, खेती में विविधता आएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. साथ ही, ऑर्गेनिक और वैज्ञानिक तरीके से खेती को भी बढ़ावा मिलेगा.
जामनगर स्थित WHO केंद्र का अपग्रेड
गुजरात के जामनगर में स्थित डब्ल्यूएचओ के पारंपरिक चिकित्सा केंद्र को अपग्रेड करने का भी ऐलान किया गया है. इस कदम से भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों जैसे आयुर्वेद, योग और यूनानी को अंतरराष्ट्रीय मान्यता और मजबूती मिलेगी. यह केंद्र वैश्विक रिसर्च, स्टैंडर्डाइजेशन और पॉलिसी मेकिंग में अहम भूमिका निभाएगा.
बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए कई घोषणाओं में मंत्री ने कहा कि केंद्र आयुष फार्मेसियों और ड्रग टेस्टिंग लैब, जामनगर, गुजरात में WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) पारंपरिक चिकित्सा केंद्र को अपग्रेड करेगा.
सीतारमण ने यह भी घोषणा की कि सरकार प्रमुख औद्योगिक लॉजिस्टिक्स केंद्रों के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप को सपोर्ट करेगी. उन्होंने पशु चिकित्सा कॉलेजों, अस्पतालों और डायग्नोस्टिक प्रयोगशालाओं के लिए लोन से जुड़ी पूंजी सब्सिडी सहायता योजना का भी प्रस्ताव रखा.
हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल:
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार देश के हर जिले में एक लड़कियों का हॉस्टल स्थापित करेगी. देश में 700 से ज्यादा जिले हैं.
देश के लिए क्या मायने हैं?
इन पहलों से आयुर्वेद का दायरा स्थानीय से ग्लोबल होगा. किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा, युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और भारत पारंपरिक चिकित्सा में वैश्विक लीडर के रूप में उभरेगा.
बजट 2026 में आयुर्वेद को मिला यह सपोर्ट दिखाता है कि सरकार परंपरा और आधुनिकता के संतुलन के साथ भारत के स्वास्थ्य भविष्य को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














