जिन स्टूडेंट्स ने ग्रेड स्पीरियंस रिपीट किया वही हुए सबसे ज्यादा बुलिंग का शिकार : अध्ययन

लगभग आधे मिलियन छात्रों एक नए अध्ययन के अनुसार, जिन छात्रों ने ग्रेड रिपीट किया, उन्हें दुनिया भर के देशों में बुलिंग का शिकार होने का खतरा अधिक है.

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अध्ययन में 74 देशों के 15 और 16 आयु वर्ग के 465 छात्रों की जानकारी शामिल है.

स्कूली हिंसा को एड्रेस करना और रोकना, जिसमें बुलिंग भी शामिल है, संयुक्त राष्ट्रीय सतत विकास लक्ष्यों का एक विशिष्ट लक्ष्य है. बड़े सेम्पल से जुड़े कुछ अध्ययनों ने ग्रेड रिपीटेशन और बुलिंग के बीच संबंध की जांच की है. नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने प्रोग्राम फॉर इंटरनेशनल स्टूडेंट असेसमेंट (PIA) 2018 के डेटा का उपयोग किया, जिसमें 74 देशों के 15 और 16 आयु वर्ग के 465,146 छात्रों की जानकारी शामिल थी.

कुल मिलाकर, शामिल छात्रों में से 12.25 प्रतिशत ने एक ग्रेड रिपीट किया था और 30.32 प्रतिशत छात्रों ने पिछले वर्ष के दौरान महीने में कम से कम कुछ बार बुलिंग का अनुभव होने की सूचना दी थी, जिन छात्रों ने ग्रेट रिपीट किया था, उनके साथियों की तुलना में बुलिंग का शिकार होने की संभावना अधिक थी. हालांकि, लड़कों की तुलना में जिन लड़कियों ने एक ग्रेड दोहराया, उनमें मजाक उड़ाए जाने, धमकी दिए जाने, संपत्ति छीन लेने का जोखिम अधिक था.

अध्ययन उन किशोरों तक भी सीमित था जो सर्वेक्षण के समय स्कूल में थे और बुलिंग के अनुभव के साथ रिपोर्ट किए गए थे.

लेखकों का कहना है, "ये परिणाम कई स्तरों पर माता-पिता, शिक्षकों, प्रिन्सिपल और पॉलिसी मेकर के लिए बहुत चिंता का विषय हैं. खासकर उन देशों में जहां ग्रेड रिपीटेशन विशेष रूप से प्रचलित है. "ग्रेड रिपीटेशन लड़कों और लड़कियों दोनों में बुलिंग के शिकार से जुड़ा है." 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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