कांचनार गुग्गुल है कई बीमारियों की रामबाण दवा, लेकिन इन बातों का रखें ध्यान वरना हो सकता है नुकसान

Kanchnar Guggul Benefits: कांचनार की छाल और गुग्गुल से बनी यह औषधि आयुर्वेद में लंबे समय से इस्तेमाल की जाती रही है. दावा है कि यह हार्मोन बैलेंस करने से लेकर बॉडी डिटॉक्स और स्किन प्रॉब्लम्स तक कई परेशानियों में असर दिखा सकती है.

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Kanchnar Guggul Benefits: कांचनार गुग्गुल के फायदे और नुकसान.

थायराइड की समस्या हो, बार-बार बनने वाली गांठ हों या फिर वजन कम न हो रहा हो. इस प्रकार की परेशानियों में कई लोग कांचनार गुग्गुल पर भरोसा करते हैं. कांचनार की छाल और गुग्गुल से बनी यह औषधि आयुर्वेद में लंबे समय से इस्तेमाल की जाती रही है. दावा है कि यह हार्मोन बैलेंस करने से लेकर बॉडी डिटॉक्स और स्किन प्रॉब्लम्स तक कई परेशानियों में असर दिखा सकती है.

इन बीमारियों में फायदेमंद (Benefits of Kanchnar guggul)

कांचनार गुग्गुल हाइपोथायरॉइडिज्म के मरीजों के लिए मददगार है. यह थायराइड की सूजन कम कर हार्मोन को बैलेंस करने में मदद करता है. महिलाओं में ओवरी सिस्ट, यूट्रस फाइब्रॉइड और ब्रेस्ट गांठ जैसी प्रॉब्लम्स में यह असरदार माना जाता है. बॉडी फैट घटाने और मेटाबोलिज्म तेज करने में इसका उपयोग किया जाता है. यह शरीर को डिटॉक्स कर लिवर और किडनी की सफाई करता है, जिससे पाचन और इम्यूनिटी बेहतर होती है. स्किन प्रॉब्लम्स जैसे पिम्पल्स, खुजली, फोड़े-फुंसी और एलर्जी में भी यह खून को शुद्ध कर राहत देती है. महिलाओं में अनियमित पीरियड्स और यूट्रस से जुड़ी दिक्कतों में हार्मोन बैलेंस करने का काम करता है. इसके अलावा गले की सूजन और टॉन्सिल्स जैसी तकलीफों में भी यह फायदा पहुंचा सकता है.

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कैसे ली जाती है ये दवा?

आमतौर पर 1–2 गोलियां दिन में दो बार गुनगुने पानी के साथ लेने की सलाह दी जाती है. अलग-अलग बीमारियों में इसे त्रिफला चूर्ण, त्रिकटु या काढ़े के साथ भी दिया जाता है. बेहतर नतीजों के लिए इसे 2–3 महीने तक लगातार लेना पड़ सकता है, लेकिन इसके सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है.

क्या नुकसान हो सकते हैं (Side effects of Kanchnar guggul)

हर दवा की तरह इसके भी कुछ साइड इफेक्ट्स हैं. कुछ लोगों को गैस, अपच या दस्त की परेशानी हो सकती है. इसकी तासीर गर्म है, इसलिए अधिक मात्रा में लेने से मुंह में छाले, स्किन पर जलन या लाल चकत्ते और ज्यादा पसीना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. हाइपरथायरॉइडिज्म के मरीजों को यह नुकसान पहुंचा सकता है.

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए. इसके अलावा ब्लड प्रेशर, हार्ट या शुगर की दवाएं ले रहे लोगों को इसे बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं लेना चाहिए क्योंकि यह दूसरी दवाओं के असर को बदल सकता है.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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