Budget 2026: भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया गया है. संसद में बजट 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साफ शब्दों में कहा कि भारत को ग्लोबल बायो-फार्मा हब बनाया जाना है. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार ने लॉन्गेविटी और बायोफार्मा शक्ति मिशन के तहत 10,000 करोड़ रुपये के बड़े निवेश की घोषणा की है. यह घोषणा केवल एक बजटीय आंकड़ा नहीं है, बल्कि भारत के स्वास्थ्य, विज्ञान और नवाचार क्षेत्र को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दूरदर्शी सोच को दर्शाती है.
ग्लोबल बायो-फार्मा हब का मतलब क्या है?
ग्लोबल बायो-फार्मा हब बनने का अर्थ है कि भारत दवाओं, वैक्सीन, बायोटेक्नोलॉजी और नई जीवनरक्षक तकनीकों के विकास, निर्माण और निर्यात का एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बने. अभी भारत को दुनिया की फार्मेसी कहा जाता है, लेकिन अब सरकार का लक्ष्य इससे एक कदम आगे बढ़कर रिसर्च, इनोवेशन और हाई-एंड बायोफार्मा टेक्नोलॉजी में भी लीडर बनना है.
10,000 करोड़ रुपये का निवेश की घोषणा
बजट में घोषित 10,000 करोड़ रुपये का फंड बायोफार्मा सेक्टर को मजबूती देगा. इस राशि का उपयोग नई दवाओं के शोध, एडवांस लैब्स, स्टार्टअप्स को सपोर्ट और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं के विकास में किया जाएगा. इससे भारत न केवल सस्ती दवाएं बनाएगा, बल्कि नई और जटिल बीमारियों के इलाज में भी अग्रणी भूमिका निभा सकेगा.
लॉन्गेविटी और बायोफार्मा शक्ति क्या है?
लॉन्गेविटी का मतलब है स्वस्थ और लंबा जीवन. इस मिशन का उद्देश्य ऐसी दवाएं और तकनीक विकसित करना है जो उम्र से जुड़ी बीमारियों को कम करें और लोगों की जीवन गुणवत्ता बेहतर बनाएं. बायोफार्मा शक्ति के जरिए भारत जीन थेरेपी, बायोलॉजिक्स और पर्सनलाइज्ड मेडिसिन जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ेगा.
देश को क्या फायदा होगा?
इस पहल से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, हेल्थकेयर सस्ता और बेहतर होगा और भारत की वैश्विक पहचान मजबूत होगी. साथ ही, यह निवेश भारत को विज्ञान और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा.
बजट 2026 में किया गया यह ऐलान साफ संकेत देता है कि भारत अब केवल दवाएं बनाने वाला देश नहीं, बल्कि भविष्य की हेल्थ टेक्नोलॉजी गढ़ने वाला वैश्विक केंद्र बनने की राह पर है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














