Anal Cancer Symptoms: टॉयलेट में खून आना एक आम लेकिन चिंताजनक समस्या है. ज्यादातर लोग इसे पाइल्स (Piles) यानी बवासीर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. सच यह है कि कई मामलों में यह पाइल्स ही होता है और इलाज से ठीक भी हो जाता है. लेकिन हर बार ऐसा हो यह जरूरी नहीं है. अगर खून बार-बार दिख रहा है या लंबे समय तक बना हुआ है, तो यह शरीर का एक अहम संकेत हो सकता है. डॉक्टरों के अनुसार कुछ मामलों में यही लक्षण एनल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की ओर इशारा कर सकते हैं. इसलिए इसे हल्के में लेना सही नहीं है और समय रहते सावधान होना बेहद जरूरी है.
पाइल्स क्या होता है?
पाइल्स एक सामान्य समस्या है, जिसमें गुदा या मलाशय (Anus) की नसें (Nerves) सूज जाती हैं. यह अक्सर कब्ज (Constipation), ज्यादा देर तक बैठने, भारी वजन (Heavy Weight) उठाने या प्रेग्नेंसी (Pregnancy) के कारण हो सकता है. इसमें टॉयलेट के दौरान चमकीला लाल खून दिखता है. इसके साथ खुजली (Itching), जलन (Inflammation) और हल्की सूजन (Swelling) भी महसूस हो सकती है. अच्छी बात यह है कि पाइल्स के लक्षण आमतौर पर दवाओं और लाइफस्टाइल में बदलाव से ठीक हो जाते हैं.
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कब बढ़ जाती है चिंता?
अगर खून बार-बार आने लगे या कई दिनों तक बंद न हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. एनल कैंसर एक दुर्लभ लेकिन गंभीर बीमारी है, जिसमें गुदा के आसपास असामान्य कोशिकाएं (Cells) बढ़ने लगती हैं. शुरुआत में इसके लक्षण पाइल्स जैसे लग सकते हैं, जिससे लोग भ्रमित हो जाते हैं और जांच कराने में देर कर देते हैं.
दोनों में क्या है फर्क?
पाइल्स में खून आमतौर पर टॉयलेट करते समय आता है और कुछ समय बाद खुद ही रुक जाता है. वहीं एनल कैंसर में ब्लीडिंग लगातार हो सकती है और खून का रंग भी थोड़ा गहरा हो सकता है. पाइल्स में दर्द आमतौर पर टॉयलेट या बैठने के दौरान होता है, जबकि कैंसर में दर्द लगातार बना रह सकता है और धीरे-धीरे बढ़ सकता है.
इन संकेतों को न करें नजरअंदाज
अगर आपको मल त्याग की आदतों में बदलाव दिखे, जैसे बार-बार टॉयलेट जाना या मल का आकार बदलना, तो यह चेतावनी हो सकती है. बिना वजह वजन कम होना, थकान रहना या गुदा के आसपास गांठ महसूस होना भी गंभीर संकेत हो सकते हैं.
कब डॉक्टर से मिलें?
अगर एक हफ्ते से ज्यादा समय तक खून आता रहे, दर्द बढ़ता जाए या कोई नया लक्षण जुड़ जाए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. खासतौर पर 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को ऐसे लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. सही समय पर जांच और इलाज से बड़ी बीमारी से बचा जा सकता है.
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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














