सबूतों को मिटाने की जल्दी! सूरजकुंड मेला हादसे को 24 घंटे भी नहीं बीते, बिछा दी हरी कालीन,नया झूला भी रख दिया

सुनामी झूले के सारे अवशेष हटा दिए गए हैं और वहां हरी कालीन के अलावा दूसरा झूला रख दिया है. हादसे के बाद ये कार्रवाई अब सवाल खड़े कर रही है. प्रारंभिक जांच में यह हादसा झूला संचालक कंपनी के मालिक सरबजीत सिंह निवासी सिरमौर (हिमाचल प्रदेश) और उसके स्टाफ की लापरवाही के कारण हुआ.

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  • सूरजकुंड मेला हादसे के बाद घटनास्थल से सुनामी झूले के सारे अवशेष हटाकर नया झूला लगा दिया गया
  • एडिशनल डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है जो हादसे के कारणों की जांच कर रही है
  • FIR में झूला संचालक कंपनी के मालिक सरबजीत सिंह और स्टाफ की सुरक्षा मानकों की लापरवाही बताई गई
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फरीदाबाद:

फरीदाबाद के सूरजकुंड मेला हादसे को अभी 24 घंटे भी नहीं बीते हैं,लेकिन घटनास्थल से सबूतों को मिटाने की कोशिश शुरू हो गई है. घटना वाली जगह का पूरा स्वरूप ही बदल दिया गया है. जहां वह झूला था वहां एक हरी कालीन बिछा दी गई है. सुनामी झूले के सारे अवशेष हटा दिए गए हैं और वहां हरी कालीन के अलावा दूसरा झूला रख दिया है. हादसे के बाद ये कार्रवाई अब सवाल खड़े कर रही है.

उठने लगे ये सवाल

प्रशासन ने हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ADC) की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई है.सुनामी झूले के इंचार्ज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.जांच इस बात पर केंद्रित है कि तकनीकी खराबी के लिए कौन जिम्मेदार था.सवाल यह उठ रहा है कि जांच पूरी होने से पहले ही घटनास्थल से पुराने झूले के अवशेष हटाकर वहां नया सेटअप कर देना क्या सबूतों को मिटाने की कोशिश है? क्या फॉरेंसिक जांच के लिए साइट को सुरक्षित रखा गया था?

FIR में लापरवाही की बात 

एनडीटीवी के पास FIR की कॉपी है जिसमें पता चला है कि प्रारंभिक जांच में यह हादसा झूला संचालक कंपनी के मालिक सरबजीत सिंह निवासी सिरमौर (हिमाचल प्रदेश) और उसके स्टाफ की लापरवाही के कारण हुआ.उन्होंने मेले में लगाए गए झूले में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया,जिससे लोगों की जान को खतरे में डाला गया और इसी वजह से निरीक्षक जगदीश प्रसाद की भी जान चली गई. 

13 घायलों का इलाज जारी

सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में हुई राइड दुर्घटना में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए थे.उसके एक दिन बाद अधिकारियों ने दुर्घटनास्थल को पूरी तरह साफ करा दिया और वहां दूसरी राइड लगा दी.यह हादसा शनिवार शाम करीब 6 बजे हुआ था जब सुनामी झूले  में तकनीकी खराबी आ गई और वह चलते‑चलते अचानक टूटकर गिर गया.इस घटना में कम से कम 13 लोग घायल हुए थे।

मेले में तैनात इंस्पेक्टर जुगल किशोर हादसा होते ही तुरंत मौके पर पहुंचे और झूले में फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू कर दिया था.बचाव कार्य के दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनका निधन हो गया.हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंगल ने इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और इसे विभाग के लिए अपूरणीय क्षति बताया. उन्होंने कहा कि नीति के तहत परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता और विभाग द्वारा दिए जाने वाले सभी अन्य लाभ प्रदान किए जाएंगे.उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि पुलिस विभाग शोकग्रस्त परिवार को हर संभव सहायता देगा.डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हादसे में घायल सभी लोगों को सबसे बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए और उनकी जल्दी स्वस्थ होने की कामना की.

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