हरियाणा के सोनीपत की अशोका यूनिवर्सिटी से बीए की छात्रा के लापता होने का मामला फिर तूल पकड़ लिया है. पीड़ित प्रोफेसर दंपति ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी अक्टूबर 2023 से लापता है. उनका कहना है कि बेटी का माइंडवॉश करके नाम तक बदल दिया गया है और शक तो यह भी है कि उसे ट्रांसजेंडर बना दिया गया. पीड़ित दंपति की शिकायत पर राज्य महिला आयोग ने अशोका यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को तलब किया.
महिला आयोग ने मामले पर जताई नाराजगी
पंचकूला में महिला आयोग में सुनवाई के दौरान रजिस्ट्रार आयोग के सामने सवालों का जवाब नहीं दे पाए. इस पर हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि यदि यूनिवर्सिटी का यही बिहेव रहा तो इस मामले की जांच NIA या सीबीआई से करवाने की सिफारिश की जाएगी.
रजिस्ट्रा बोले- घर से गायब हुई छात्रा
इस पूरे प्रकरण में हैरानी की बात यह भी सामने आई है कि सुनवाई के लिए प्रोफेसर दंपति की बेटी को कोई समन नहीं गया, लेकिन उसकी तरफ से वकील आयोग में पेश हुआ. इस पर आयोग चेयरपर्सन ने वकील के माध्यम से कहा कि छात्रा खुद आयोग जाकर आज शाम 5 बजे तक अपना पक्ष रखे. वहीं सुनवाई के लिए आयोग के समक्ष पेश हुए अशोका यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार सचिन शर्मा ने कहा कि छात्रा अपने घर से गायब हुई है. यूनिवर्सिटी का इसमें कोई रोल नहीं है, यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर लगाए गए तमाम आरोप में बेबुनियाद हैं.
बता दें कि पीड़ित प्रोफेसर दंपति ने महिला आयोग में शिकायत देकर कहा कि उनकी बेटी 2023 से लापता है. यूनिवर्सिटी की तीन महिला प्रोफेसर पर गंभीर आरोप लगाते हुए पीड़ित ने कहा कि तीनों प्रोफेसर ने उनकी बेटी को गायब कर रखा है. इसके अलावा उनकी बेटी के अकाउंट में भी पैसा ट्रांसफर करने की बात कही गई है.
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