'ढेर होने वाले बब्बर शेर नहीं होते', राहुल गांधी के बयान पर अनिल विज ने अंबाला में ली चुटकी; वायरल चिट्ठी पर कही ये बात

Haryana Politics: अंबाला में अनिल विज ने राहुल गांधी के 'बब्बर शेर' वाले बयान पर तंज कसा और हार का जिक्र किया. साथ ही, उन्होंने विभागों में सीधे तबादलों पर रोक लगाते हुए नया सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए हैं. यहां पढ़ें उनका पूरा बयान.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
अनिल विज ने अपनी ही सरकार के सिस्टम को सुधारा, बोले- 'बिना मंत्री के पूछे नहीं होंगे तबादले'
NDTV Reporter

Ambala News: हरियाणा की सियासत के सबसे बेबाक किरदार और कैबिनेट मंत्री अनिल विज एक बार फिर अपने पुराने फॉर्म में हैं. इस बार उनके निशाने पर राहुल गांधी का वह 'बब्बर शेर' वाला बयान है, जिसमें उन्होंने पीएम मोदी को डराने की बात कही थी. बुधवार को अंबाला में पत्रकारों से रूबरू हुए विज ने राहुल की सियासी हार को उनके बयान से जोड़ते हुए जमकर चुटकी ली. विज ने दो टूक कहा, 'राहुल गांधी कई चुनाव हार चुके हैं और यही वजह है कि वह हर प्रदेश में ढेर हो रहे हैं. अगर वह वाकई बब्बर शेर होते, तो इस तरह ढेर न होते.'

'बिना मंत्री की मर्जी नहीं होगा तबादला'

बयानों के साथ-साथ विज इन दिनों अपनी एक 'वायरल चिट्ठी' को लेकर भी चर्चा के केंद्र में हैं. विभाग के भीतर सीधे हो रहे तबादलों पर विज ने जो आपत्ति जताई, उसने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है. इस पूरे मामले पर अपनी स्थिति साफ करते हुए विज ने कहा कि इसे गलत तरीके से पेश करने की जरूरत नहीं है. नियम साफ है. विभाग में किसी भी स्तर पर तबादला हो, वह विभागीय मंत्री के संज्ञान में होना चाहिए और फाइल मंत्री कार्यालय के माध्यम से ही आगे बढ़नी चाहिए.

विज ने खुलासा किया कि उन्हें कुछ ऐसी शिकायतें मिली थीं जहां नियमों को ताक पर रखकर सीधे तबादले किए गए, जिसे सुधारने के लिए उन्होंने अब लिखित निर्देश जारी कर सिस्टम को पटरी पर लाने का काम किया है.

'बरसाती मेंढक' की तरह सक्रिय होता है विपक्ष

आगामी नगर निगम चुनावों पर अपनी रणनीति साझा करते हुए अनिल विज ने विपक्ष को 'मौसमी' करार दिया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी पार्टियां केवल चुनाव के समय ही सक्रिय होती हैं, जबकि बीजेपी का कार्यकर्ता साल के 365 दिन जनता की सेवा में खड़ा रहता है. विज ने दावा किया कि विधानसभा और निकाय चुनावों की तरह ही आगामी नगर निगम चुनावों में भी जनता विपक्ष के झूठे वादों को नकार कर विकास और पीएम मोदी की नीतियों पर मुहर लगाएगी.

Advertisement

परिसीमन पर राजनीति बंद करे विपक्ष

इस दौरान प्रदेश में चल रहे परिसीमन के मुद्दे पर मचे घमासान पर भी विज ने अपनी राय रखी. उन्होंने इसे एक शुद्ध संवैधानिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इसका एकमात्र उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर क्षेत्रों का संतुलन बनाना है ताकि जनता को समान प्रतिनिधित्व मिल सके. विज ने दो टूक लहजे में कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का तरीका है, इसलिए इस पर अनावश्यक राजनीति करने के बजाय इसे प्रदेश के हित में देखा जाना चाहिए.

ये भी पढ़ें:- बागपत, बड़ौत से खुर्जा-हापुड़, रोहतक जैसे शहरों तक भी दौड़ेगी रैपिड रेल, नमो भारत का सेकेंड फेज का डिटेल

Advertisement
Featured Video Of The Day
Amravati: नाबालिग लड़कियों का शोषण करने वाले आरोपी की अवैध संपत्ति पर Bulldozer Action | BREAKING