- कांग्रेस हाईकमान ने राज्यसभा की खाली हो रही सीट के लिए कांगड़ा जिला अध्यक्ष अनुराग शर्मा को नामित किया है
- अनुराग शर्मा कांगड़ा जिले के सक्रिय कांग्रेस कार्यकर्ता हैं और लंबे समय से पार्टी में अहम भूमिका निभा रहे हैं
- वे 1998-1999 में एनएसयूआई कैंपस प्रेसिडेंट और 1996 से 2001 तक एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव रह चुके हैं
हिमाचल की सियासत में इन दिनों हलचल तेज है. प्रदेश की राजनीति में कांगड़ा जिले के प्रभाव को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है. कांग्रेस हाईकमान ने अपनी ताजा सूची में बड़ा उलटफेर करते हुए, राज्यसभा की खाली हो रही सीट के लिए कांगड़ा जिला अध्यक्ष अनुराग शर्मा के नाम पर मुहर लगाई है और अब यह फैसला न केवल सांगठनिक निष्ठा का सम्मान माना जा रहा है, बल्कि आगामी चुनावों से पहले क्षेत्रीय संतुलन साधने की एक सोची-समझी रणनीति भी है.
कौन हैं अनुराग शर्मा?
अनुराग शर्मा कोई नया नाम नहीं हैं, बल्कि वे कांग्रेस के जमीनी सिपाही रहे हैं. वर्तमान में कांगड़ा जिला कांग्रेस की कमान संभाल रहे शर्मा ने पार्टी के भीतर लंबे समय तक काम किया है. हाईकमान के इस फैसले ने कांगड़ा के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर दी है, क्योंकि इसे सीधे तौर पर संगठन के प्रति वफादारी का इनाम देखा जा रहा है.
29 अगस्त 1978 को कांगड़ा के बैजनाथ उपमंडल के बीड़ में जन्मे अनुराग शर्मा ने कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में राजनीति में प्रवेश किया था और 1998-1999 में गोस्वामी गणेश दत्त स्नातन धर्म कॉलेज बैजनाथ में एनएसयूआई कैंपस प्रेसिडेंट रहे थे. अनुराग 1996 से 2001 तक एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव रहे थे. वहीं 2002 से 2006 तक जिला कांगड़ा यूथ कांग्रेस में बतौर महासचिव रहे.
पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं
तो 2007 से से 2012 तक ब्लॉक कांग्रेस में महासचिव के पद पर रहे उसके बाद 2014 से 2019 तक अनुराग शर्मा हिमाचल कांग्रेस में सचिव के पद पर रहे है. वर्तमान में अनुराग शर्मा जिला कांगड़ा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं. अनुराग शर्मा 2010 से 2020 तक बीड़ पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के निदेशक रहे वहीं. 2020 से अब तक वो बीड़ पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के प्रेसिडेंट हैं. इस दौरान बीड़ में पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप करवाने में भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है. अनुराग शर्मा ने बैजनाथ के कॉलेज से अपनी स्नातक की डिग्री पूरी की है.














