जश्न में चली गोली, छा गया मातम! शिमला के कुलगाम में हर्ष फायरिंग में महिला की मौत

रोहड़ू क्षेत्र के कुलगाम में फायरिंग की घटना के बाद आक्रोश है. वहीं, पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है.पढ़िए विद्या दत्त शर्मा की रिपोर्ट.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
मृतका रितिका उर्फ गुड़िया चिड़गांव की रहने वाली थी.

शिमला में एक धार्मिक आयोजन में हर्ष फायरिंग ने खुशी के माहौल को मातम में बदल दिया. रोहड़ू क्षेत्र के कुलगाम में देवता कार्यक्रम में नाच-गाने और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज के बीच एक महिला को गोली लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. मृतका रितिका उर्फ गुड़िया चिड़गांव (शिमला) की रहने वाली थी. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और उत्सव का माहौल चरम पर था. तभी कुछ लोगों ने हर्ष फायरिंग की और अचानक एक गोली भीड़ में जा लगी. फायरिंग में रितिका गंभीर रूप से घायल हो गईं. मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी.

हत्या का केस दर्ज

पुलिस ने आरोपी रजत समेत 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. धारा 103-A और 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज कर दिया है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस्तेमाल की गई बंदूक आरोपी के किसी रिश्तेदार की थी. घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल फैल गया. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे आयोजनों में हथियारों के इस्तेमाल पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके.

अस्पताल में परिजनों का हंगामा

जब मृत महिला का शव रोहड़ू अस्पताल पहुंचा तो माहौल तनावपूर्ण हो गया. महिला की मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान स्थानीय विधायक व एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी भी हुई. मृतका के परिजनों का आरोप है कि आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था नाकाफी थी और समय रहते कार्रवाई नहीं की गई. परिजनों ने आरोप लगाया कि जिस समय कुलगांव में फायरिंग की घटना हुई और हथियार लहराए गए, उस दौरान पुलिस और प्रशासन की भूमिका संदिग्ध रही. उन्होंने सवाल उठाए कि आखिर ऐसी घटना को रोकने के लिए समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

प्रतिबंध के बावजूद हर्ष फायरिंग जारी

स्थिति इस कदर बिगड़ी कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. अधिकारियों का कहना है कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में हर्ष फायरिंग पूरी तरह प्रतिबंधित है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस यह पता लगा रही है कि फायरिंग किसने की और हथियार वैध था या नहीं. 

Advertisement

यह भी पढ़ेंः पालमपुर के जंगलों में भड़की भीषण आग, 48 घंटे से जल रही धौलाधार की पहाड़ियां; जंगली जानवरों पर भी संकट

Featured Video Of The Day
'ये बंगाल है, यूपी नहीं...' टीएमसी ने योगी के शेर IPS अजय पाल को दी सीधी धमकी