शिमला में 46 साल का रिकॉर्ड टूटा, अप्रैल में दिसंबर जैसी ठंड; पारा 3.6°C तक गिरा; IMD ने बताया कब मिलेगी राहत?

Shimla Weather Record: क्या आपने कभी अप्रैल में दिसंबर वाली ठंड महसूस की है? पहाड़ों की रानी शिमला में कुदरत ने 46 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है. पारा गिरकर 3.6°C तक पहुंच गया, वहीं दिन का तापमान भी 12 साल के निचले स्तर पर है. जानिए आखिर क्यों अचानक शिमला में बर्फबारी और बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया और आने वाले 15 दिनों के लिए मौसम विभाग ने क्या बड़ी चेतावनी जारी की है.

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IMD Himachal Weather Update: जहां उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में लोग धीरे-धीरे गर्मी की आहट महसूस करने लगे हैं, वहीं पहाड़ों की रानी शिमला में ठंड ने करीब साढ़े चार दशकों का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है. पिछले 24 घंटों के भीतर शहर के तापमान में इतनी जोरदार गिरावट आई है कि न्यूनतम तापमान गिरकर 3.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. मौसम विभाग के अनुसार, यह पिछले 46 सालों में अप्रैल महीने की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई है.

46 साल बाद टूटा 1979 का रिकॉर्ड

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के आंकड़ों की मानें तो यह असामान्य रूप से कम तापमान दशकों पुरानी यादों को ताजा कर गया है. इससे पहले अप्रैल के महीने में इतनी भीषण ठंड साल 1979 में रिकॉर्ड की गई थी, जब पारा लुढ़ककर 3.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था. तब से लेकर अब तक अप्रैल की रातें कभी इतनी ठंडी नहीं रहीं, जितनी इस साल महसूस की जा रही हैं. आईएमडी हिमाचल प्रदेश के प्रमुख शोभित कटियार ने पुष्टि की है कि यह ऐतिहासिक गिरावट करीब 46 से 47 सालों के लंबे अंतराल के बाद देखी गई है.

दिन में भी जमा देने वाली ठंड का असर

हैरानी की बात यह है कि सिर्फ रात ही नहीं, बल्कि दिन के वक्त भी लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है. शिमला में अधिकतम तापमान केवल 11.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले 11 से 12 सालों में अप्रैल का सबसे ठंडा दिन रहा है. इससे पहले साल 2015 के दौरान दिन के तापमान में ऐसी ही गिरावट देखी गई थी. लगातार हो रहे पश्चिमी विक्षोभ और पिछले दो-तीन दिनों से जारी बारिश और बर्फबारी के कारण पूरे राज्य के तापमान में यह भारी बदलाव आया है. राज्य के कई हिस्सों में तो दिन का तापमान सामान्य से 10 से 12 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया है.

बारिश और बर्फबारी के चौंकाने वाले आंकड़े

मौसम विभाग की रिपोर्ट से यह भी साफ हुआ है कि इस साल बारिश ने भी अपने पुराने आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है. 1 मार्च से 10 अप्रैल के बीच राज्य में कुल 149 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य तौर पर यह आंकड़ा 136 मिलीमीटर के आसपास रहता है. यह सामान्य से करीब 9 प्रतिशत अधिक है. यदि केवल अप्रैल महीने की बात करें तो अब तक की बारिश सामान्य से 142 प्रतिशत ज्यादा रही है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई रिकॉर्ड तोड़ने वाली घटना नहीं है, लेकिन इसने मौसम को काफी सर्द बना दिया है. लाहौल, कुल्लू, चंबा और किन्नौर जैसे ऊंचे इलाकों में अप्रैल में बर्फबारी होना सामान्य है. शिमला जिले के खदराला जैसे क्षेत्रों में भी इससे पहले 2014, 2016, 2020 और 2021 में अप्रैल के दौरान बर्फ गिर चुकी है.

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कैसा रहेगा आने वाले दिनों का हाल?

बीते 24 घंटों में राज्य के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे यानी -1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. शिमला समेत कई शहरों में पारा सामान्य से 4 से 5 डिग्री कम बना हुआ है. राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने अगले 5 से 7 दिनों तक मैदानी और मध्य-पहाड़ी इलाकों में आसमान साफ रहने और धूप खिलने का अनुमान जताया है. हालांकि 11 और 12 अप्रैल को बहुत ऊंचे इलाकों में छिटपुट बारिश या बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी. इसके बाद 16 से 18 अप्रैल के बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, लेकिन इसका असर बहुत हल्का रहेगा और यह केवल ऊंचे पहाड़ों तक ही सीमित रहने की उम्मीद है. फिलहाल अगले 10 से 15 दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम के स्थिर रहने के आसार हैं.

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