Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव (Himachal Panchayat Election) की तैयारियां जोरों पर हैं. राज्य सरकार ने मतदाताओं की सुविधा को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने बुधवार को घोषणा की है कि चुनाव के दूसरे और तीसरे चरण के मतदान के दिन, यानी 28 मई और 30 मई को पूरे प्रदेश में सवेतन अवकाश (Paid Holiday) रहेगा. इसका सीधा मतलब यह है कि कर्मचारियों की छुट्टी तो होगी, लेकिन उनकी सैलरी नहीं काटी जाएगी.
दफ्तरों से लेकर दुकानों तक सब रहेगा बंद
जारी की गई आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, मतदान के इन खास दिनों पर राज्य के सभी सरकारी कार्यालय, बोर्ड, निगम और शैक्षणिक संस्थान पूरी तरह बंद रहेंगे. इतना ही नहीं, औद्योगिक प्रतिष्ठान (जो औद्योगिक विवाद अधिनियम के दायरे में आते हैं) भी इस छुट्टी के दायरे में होंगे. संबंधित पंचायती राज संस्थाओं के क्षेत्रों के आसपास स्थित दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी बंद रखे जाएंगे ताकि हर कोई बिना किसी बाधा के वोट डाल सके.
इन इलाकों में नहीं होगी छुट्टी
हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह आदेश कुछ विशिष्ट क्षेत्रों पर लागू नहीं होगा. कुल्लू जिले के नग्गर विकास खंड की कर्जन और सोयल ग्राम पंचायतें, साथ ही आनी विकास खंड की जबाना और नामहोग ग्राम पंचायतों में चुनाव नहीं हो रहे हैं. इन पंचायतों का कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए यहां न तो मतदान होगा और न ही छुट्टी लागू होगी.
वोट डालने पर मिलेगी 'स्पेशल लीव'
उन कर्मचारियों के लिए भी राहत की खबर है जो अपने कार्यस्थल से दूर किसी दूसरी जगह पर वोटर के तौर पर पंजीकृत हैं. ऐसे कर्मचारियों को मतदान के लिए विशेष आकस्मिक अवकाश (Special Casual Leave) दिया जा सकता है. इसके लिए एक छोटी सी शर्त रखी गई है. कर्मचारी को संबंधित पीठासीन अधिकारी से एक प्रमाण पत्र लाकर देना होगा, जो यह पुष्टि करे कि उसने वास्तव में अपना वोट डाला है.
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