न्यू जर्सी में हो रहे फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल के लिए जैसे ही अर्जेंटीना ने अपनी शुरुआती इलेवन का ऐलान किया, वैसे ही लियोनेस मेस्सी के नाम एक वर्ल्ड रिकॉर्ड हो गया. लियोनेल मेस्सी वर्ल्ड कप के इतिहास में बतौर कप्तान तीन वर्ल्ड कप के फाइनल में अपनी टीम को लेकर जाने वाले पहले कप्तान बन हैं. 96 सालों के इतिहास में उनके अलावा ऐसा कोई नहीं कर पाया है. मेस्सी ने ब्राज़ील में 2014 वर्ल्ड कप और कतर में 2022 वर्ल्ड कप के फाइनल में अर्जेंटीना की कप्तानी की है और अब वे रविवार (स्थानीय समय) को अमेरिका में होने वाले फाइनल में टीम की कप्तानी करने के लिए तैयार हैं.
फीफा के अनुसार, 2014 में मेस्सी ने एक ऐसी टीम की कप्तानी की थी जिसे चोटों के कारण कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा था और आखिरकार जर्मनी से 1-0 से फाइनल हार गई थी. 2022 में, कतर के लुसैल स्टेडियम में अर्जेंटीना द्वारा फ्रांस को पेनल्टी में हराने के बाद मेस्सी पहली बार बतौर कप्तान वर्ल्ड कप जीते थे. उन्होंने फाइनल में दो गोल किए, जिससे स्कोर 3-3 हो गया.
मौजूदा FIFA वर्ल्ड कप चैंपियन अर्जेंटीना और UEFA यूरो 2024 की विजेता स्पेन, फुटबॉल के सबसे बड़े खिताब के लिए न्यूयॉर्क/न्यू जर्सी में भिड़ेंगे. मेस्सी ने शानदार तरीके से टीम की कप्तानी की है; उन्होंने टूर्नामेंट में आठ गोल और चार असिस्ट किए हैं. मेस्सी गोल्डन बूट की दौड़ में फ्रांसीसी कप्तान किलियन एम्बाप्पे से सिर्फ़ दो गोल पीछे हैं.
मौजूदा यूरोपीय चैंपियन स्पेन 2010 के बाद अपना पहला FIFA वर्ल्ड कप खिताब जीतने की कोशिश कर रहा है, जबकि लियोनेल मेसी की अर्जेंटीना लगातार दूसरा खिताब जीतने की कोशिश में है.
डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ़ रोमांचक वापसी करते हुए 2-1 से जीत हासिल की थी. उन्होंने पहले हाफ की बढ़त को खत्म करते हुए वापसी की; एंजो फर्नांडीज ने बराबरी का गोल किया और फिर लुटारो मार्टिनेज ने स्टॉपेज-टाइम में विजयी गोल करके डिफेंडिंग चैंपियन को स्पेन के खिलाफ़ खिताबी मुकाबले में पहुंचाया.
दूसरी ओर, स्पेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रांस को 2-0 से हराया और 2010 की जीत के बाद पहली बार FIFA वर्ल्ड कप फाइनल में जगह बनाई.
इस जीत में लैमिन यमल ने अहम भूमिका निभाई. उन्होंने लुकास डिग्ने से गेंद छीनकर पेनल्टी हासिल की, जिसे मिकेल ओयारज़ाबल ने 22वें मिनट में गोल में बदलकर स्पेन को बढ़त दिलाई. ब्रेक के बाद पेड्रो पोरो ने दानी ओल्मो के साथ बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए स्पेन की बढ़त को दोगुना कर दिया, जबकि फ्रांस को साफ मौके बनाने में संघर्ष करना पड़ा.
यमाल का एक गोल ऑफ़साइड की वजह से रद्द कर दिया गया, और किलियन एम्बाप्पे और ऑरेलियन चौमेनी की देर से की गई कोशिशों के बावजूद, स्पेन का डिफेंस मज़बूती से डटा रहा और टूर्नामेंट के सात मैचों में अपनी छठी क्लीन शीट हासिल की.