बसंत ऋतु में क्या खाएं, क्या छोड़ें? आयुर्वेद में बताए गए हैं रात के भोजन के ये गोल्डन रूल्स

Spring Season Diet: अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि बसंत की रातों में उन्हें पेट भारी होना, अपच या नींद में बाधा महसूस होती है. अगर आप भी खुद को सेहतमंद और फिट रखना चाहते हैं, तो वसंत ऋतु में अपनी डाइट का खास ख्याल रखें. क्योंकि इस समय खान-पान में थोड़ी सी लापरवाही आपकी तबीयत बिगाड़ सकती है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
Spring Season Diet
IANS

Spring Season Diet: बसंत ऋतु का आगमन प्रकृति में नई ऊर्जा और रंग लेकर आता है, लेकिन आयुर्वेद के अनुसार यह समय स्वास्थ्य के लिए थोड़ा संवेदनशील भी होता है. दिन में बढ़ती गर्मी और रातों में हल्की ठंडक शरीर में 'कफ दोष' को सक्रिय कर देती है. अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि बसंत की रातों में उन्हें पेट भारी होना, अपच या नींद में बाधा महसूस होती है. आयुर्वेद के मुताबिक, सर्दियों के दौरान शरीर में जमा हुआ कफ सूरज की बढ़ती गर्मी से पिघलने लगता है. यदि रात में भारी, ठंडा या गरिष्ठ भोजन किया जाए, तो यह कफ और बढ़ जाता है और जुकाम, खांसी, पेट की समस्या और मेटाबॉलिज्म सुस्त होने जैसी परेशानियां पैदा होती हैं. इसलिए बसंत में हल्का और सुपाच्य भोजन करना बेहद जरूरी है.

रात के भोजन के लिए सबसे अच्छा विकल्प

रात के भोजन के लिए मूंग दाल की खिचड़ी सबसे अच्छा विकल्प है. यह हल्की और सुपाच्य होती है और पेट पर दबाव नहीं डालती. इसमें थोड़ी सोंठ पाउडर डालने से इसका गुण और बढ़ जाता है. भुनी हुई मौसमी सब्जियां जैसे लौकी, तोरई और परवल भी फाइबर से भरपूर होती हैं और कब्ज जैसी समस्या से बचाती हैं. बाजरे की रोटी शरीर की नमी और कफ को सोखने में मदद करती है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में रात के भोजन में शामिल करना फायदेमंद है.

श्वसन तंत्र के लिए लाभकारी पेय और सब्जी

इसके अलावा अदरक और शहद का गुनगुना पानी पीना बसंत की रातों में श्वसन तंत्र को साफ रखने और कफ को पिघलाने का परंपरागत तरीका है. मेथी का साग या पराठा भी इस समय विशेष लाभकारी है, क्योंकि यह बढ़े हुए कफ को कम करता है और डायबिटीज या जोड़ों के दर्द वाले लोगों के लिए मददगार है. यदि आप दूध पीते हैं, तो बसंत में हल्दी वाला गुनगुना दूध ही लें, यह एलर्जी और सूजन से बचाता है.

Yeh Bhi Padhein: बिना वजह आता है तनाव और गुस्सा, हो सकता है पित्त असंतुलन का संकेत, जानें आयुर्वेदिक उपाय

हल्के और कफ-नाशक खाद्य पदार्थ

जौ का सूप, सहजन की फली, पपीता और सोंठ-अजवाइन का तड़का भी रात के भोजन में शामिल किए जा सकते हैं. ये हल्के, सुपाच्य और कफ नाशक गुणों से भरपूर होते हैं.

बसंत में भोजन के गोल्डन रूल्स

बसंत में खाने के कुछ गोल्डन रूल्स भी हैं. खाना जल्दी खाएं, रात 8 बजे तक खाना पूरा कर लें, ठंडे पानी से बचें और दही का सेवन न करें.

Advertisement

Watch Video: अपने हार्ट को हेल्दी रखने के लिए क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? डॉक्टर ने बताया

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

Featured Video Of The Day
UP Budget 2026: जानिए Yogi Government के 10वें बजट की 10 बड़ी बातें | Uttar Pradesh #NDTV India