Protein Myths : अक्सर जब भी फिटनेस या अच्छी सेहत की बात आती है, तो सबसे पहले प्रोटीन का नाम दिमाग में आता है. लेकिन जैसे ही कोई प्रोटीन डाइट शुरू करने की सोचता है, उसे दस तरह की सलाह मिल जाती हैं "प्रोटीन से किडनी खराब हो जाएगी", "यूरिक एसिड बढ़ जाएगा" या "शाकाहारियों को पूरा प्रोटीन नहीं मिल सकता". जिसे लेकर हाल ही में हेल्थ डॉ. साकेत गोयल ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने प्रोटीन से जुड़े इन सभी डर और मिथकों (Myths) को सिरे से खारिज किया है.
सबसे अच्छी दवा1. क्या प्रोटीन किडनी को नुकसान पहुंचाता है?
सबसे बड़ा डर यही है कि ज्यादा प्रोटीन किडनी खराब कर देता है. डॉ. गोयल बताते हैं कि यह पूरी तरह सच नहीं है. एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए प्रोटीन सुरक्षित है. बल्कि अगर शरीर में प्रोटीन की कमी हो जाए, तो मांसपेशियां गलने लगती हैं (Muscle Wasting), जो किडनी के लिए ज्यादा खतरनाक है. हां, जिन्हें पहले से किडनी की कोई बीमारी है, उन्हें डॉक्टर की सलाह पर इसकी मात्रा कम रखनी चाहिए.
2. क्या प्रोटीन सिर्फ बॉडी बिल्डर्स के लिए है?
कई लोग सोचते हैं कि प्रोटीन सिर्फ उन्हें चाहिए जो जिम जाकर डोले-शोले बनाना चाहते हैं. डॉक्टर के मुताबिक, प्रोटीन हर किसी के लिए जरूरी है. यह आपकी हड्डियों, इम्यूनिटी और शरीर के घाव भरने (Healing) के लिए बहुत आवश्यक है.
3. यूरिक एसिड का डर
अक्सर दालें या प्रोटीन खाने पर यूरिक एसिड बढ़ने की बात कही जाती है. डॉ. साकेत के अनुसार, प्लांट प्रोटीन यूरिक एसिड नहीं बढ़ाता है. यूरिक एसिड बढ़ने का असली कारण एनिमल प्रोटीन, शराब (Alcohol) और शरीर में पानी की कमी है. अगर आप पानी खूब पीते हैं, तो डरने की जरूरत नहीं है.
4. बुजुर्गों के लिए भारी है पनीर और अंडा?
लोगों का मानना है कि बड़े-बुजुर्गों को अंडा या पनीर नहीं पचा पाएंगे. सच तो यह है कि उम्र बढ़ने पर शरीर को मांसपेशियों की मजबूती के लिए ज्यादा प्रोटीन की जरूरत होती है. इसलिए बुजुर्गों को अपनी डाइट में इसे जरूर शामिल करना चाहिए.
5. कब खाना चाहिए प्रोटीन?
कुछ लोग दिन भर में एक ही बार में बहुत सारा प्रोटीन खा लेते हैं. डॉ. साकेत सलाह देते हैं कि प्रोटीन को दिन भर की हर मील में थोड़ा-थोड़ा बांटकर लें. हमारा शरीर प्रोटीन को अपना 'बिल्डिंग ब्लॉक' मानता है, जिसकी जरूरत उसे चौबीसों घंटे रहती है.
6. क्या शाकाहारी लोग प्रोटीन नहीं पा सकते?
यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी है कि सिर्फ मांस-मछली खाने वालों को ही प्रोटीन मिलता है. शाकाहार (Vegetarian Diet) में भी प्रोटीन के कई ऑपशन्स हैं. बस जरूरत है सही जानकारी और सही कॉम्बिनेशन की.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)














