नाग पंचमी पर बन रहे हैं शिववास योग समेत कई खास योग, महादेव की होगी भक्तों पर विशेष कृपा

सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है. नाग पंचमी नाग देवता की पूजा के समर्पित दिन है. ज्योतिषियों के अनुसार इस वर्ष नाग पंचमी पर दुर्लभ शिववास योग समेत कई शुभ योग बन रहे हैं.

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इस बार नाग पंचमी पर दुर्लभ योग शिववास योग बनने जा रहा है.

Nag Panchami 2024:  सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी (Nag Panchami) मनाई जाती है. नाग पंचमी नाग देवता की पूजा के समर्पित दिन है. इस दिन भगवान शिव के साथ नाग देवता की विधि-विधान से पूजा की जाती है. कई पुराणों स्कंद पुराण, नारद पुराण और महाभारत में नाग देवता की पूजा का वर्णन मिलता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव के साथ नाग देवता की पूजा से जीवन के दुख और संकट दूर हो जाते हैं और सुख, समृद्धि बढ़ती है. नाग देवता समस्त परिवार की रक्षा करते हैं. ज्योतिषियों के अनुसार इस वर्ष नाग पंचमी पर दुर्लभ शिववास योग (Shivvas yog) समेत कई शुभ योग (Yogs on Nag Panchami ) बन रहे हैं. इन योग में नाग देवता की पूजा करने से महादेव की कृपा प्राप्त हो सकती है. आइए जानते हैं नाग पंचमी पर बन रहे हैं कौन कौन से योग…..

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नाग पंचमी की तिथि और मुहूर्त

ज्योतिष के अनुसार, इस बार सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 9 अगस्त की रात 12 बजकर 35 मिनट से शुरू होगी और 10 अगस्त को सुबह 3 बजकर 13 मिनट पर समाप्त होगी. ऐसे में नाग पंचमी 9 अगस्त को ही मनाई जाएगी. नाग पंचमी की पूजा का शुभ मुहूर्त 9 अगस्त की सुबह 5 बजकर 46 मिनट से सुबह 8 बजकर 25 मिनट तक हैं. इस दौरान नाग देवता की पूजा कर सकते हैं.

शिववास योग

इस बार नाग पंचमी पर दुर्लभ योग शिववास योग बनने जा रहा है. शिववास योग में भगवान शिव कैलाश पर जगत जननी मां पार्वती के साथ वास करते हैं. इस समय में भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय के साथ नाग देवता की पूजा करने से सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है.  

सिद्ध योग

नाग पंचमी के दिन दोपहर 1 बजकर 46 मिनट सिद्ध योग बन रहा है.  इसके बाद साध्य योग का निर्माण होगा.  सिद्ध और साध्य योग में भगवान शिव की पूजा करने से साधक को हर कार्य में सफलता प्राप्त होती है.

करण

नाग पंचमी पर बव और बालव करण का योग भी बन रहे हैं. नाग पंचमी को सर्वप्रथम बव करण का संयोग बन रहा है.  इसके बाद बालव करण का निर्माण होने वाला है. इसके साथ ही सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर हस्त नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है.  ये सभी शुभ योग हैं और इन योग में भगवान शिव और नाग देवता की पूजा करने से जातक को उत्तम फल की प्राप्ति संभव होती है.

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