नवरात्रि में कौन-से मंत्र का जाप करें? जानें अलग-अलग दिन के लिए खास मंत्र

नवरात्र के 9 दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है. इन नौ दिन के लिए अलग-अलग मंत्र हैं. इन मंत्रों का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है. यहां जानिए नवरात्रि में कौन-से मंत्र का जाप करें?

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
मां दूर्गा के नौ रूप और 9 मंत्र

Shardiya Navratri 2026: हिंदू धर्म में नवरात्रि का खास महत्व है. इन 9 दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, नवरात्रि के हर दिन मां दुर्गा के एक विशेष रूप की आराधना की जाती है. इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर यानी रविवार से हो चुकी है. इन दिनों सच्चे मन से मां की पूजा करने और व्रत रखने से देवी दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है. सोमवार को नवरात्रि का दूसरा दिन है. नवरात्र के नौ दिन के लिए अलग-अलग मंत्र हैं. इन मंत्रों का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है. चलिए आपको बताते हैं नवरात्रि में कौन से मंत्र का जाप करना चाहिए और अलग-अलग दिन के लिए खास मंत्र.

नवरात्रि नौ दिन की पूजा के मंत्र

  • मां शैलपुत्री का मंत्र- ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः
  • मां ब्रह्मचारिणी का मंत्र- ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नम:
  • मां चन्द्रघण्टा का मंत्र- ॐ देवी चन्द्रघंटायै नमः
  • देवी कूष्माण्डा का मंत्र - ॐ कूष्माण्डायै नमः
  • देवी स्कंदमाता का मंत्र - ॐ स्कन्दमात्राय नमः
  • देवी कात्यायनी का मंत्र - ॐ कात्यायनै नमः
  • देवी कालरात्रि का मंत्र - ॐ कालरात्र्यै नमः
  • देवी महागौरी का मंत्र - ॐ महागौर्यै नमः
  • देवी सिद्धिदात्री का मंत्र- ॐ सिद्धिदात्र्यै नमः

ॐ देव्यै शैलपुत्र्यै नमः

यह मंत्र नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री को समर्पित किया जाता है, ताकि हममें शक्ति और पवित्रता के लिए उनका आशीर्वाद मिल सके.

ॐ देव्यै ब्रह्मचारिण्यै नमः

इस मंत्र का जाप करने से मां ब्रह्मचारिणी भक्तों को बुद्धि, ज्ञान और दृढ़ता प्रदान करती हैं.

ॐ देव्यै चन्द्रघण्टायै नमः

मां चन्द्रघंटा अपने भक्तों को साहस और शक्ति का आशीर्वाद देती हैं.

ॐ देव्यै कूष्माण्डायै नमः

मां कूष्माण्डा ब्रह्मांड की रचयिता हैं. यह मंत्र भक्तों को अच्छी हेल्थ और समृद्धि प्रदान करता है.

ॐ देव्यै स्कन्दमात्रै नमः

यह मंत्र देवी स्कन्दमाता का आशीर्वाद पाने के लिए है, जो मां के निस्वार्थ प्रेम और सुरक्षा का प्रतीक है.

ॐ देव्यै कात्यायन्यै नमः

देवी कात्यायनी बाधाओं को दूर करती हैं और भक्तों के जीवन में खुशियां और सद्भाव लाती हैं.

ॐ देव्यै कालरात्र्यै नमः

देवी कालरात्रि अज्ञान और अंधकार को मिटाती हैं और अपने भक्तों को निर्भयता का आशीर्वाद देती हैं.

ॐ देव्यै महागौर्यै नमः

मां महागौरी का यह मंत्र पवित्रता और शांति का प्रतीक है, जो भक्तों को दैवीय कृपा प्रदान करता है.

ॐ देव्यै सिद्धिदात्र्यै नमः

माँ सिद्धिदात्री आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करती हैं और अपने भक्तों की सभी इच्छाएं पूरी करती हैं.

यह भी पढ़ें:- हथेली में V का निशान होने का क्या मतलब है? हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार जानिए इसका महत्व

Featured Video Of The Day
लखनऊ कांग्रेस दफ्तर में हंगामे पर ममता चौधरी ने क्या कहा?

Topics mentioned in this article
Navratri
Shardiya Navratri