Solar Eclipse: हिंदू धर्म में ग्रहण का विशेष महत्व माना जाता है. साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लगने वाला है. यह ग्रहण श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर होगा. इसी दिन हरियाली अमावस्या भी है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है. अब, जब भी सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण की बात होती है, तो लोगों के मन में सबसे पहले सूतक काल को लेकर सवाल उठने लगते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर सूतक काल क्या होता है, यह कब शुरू होता है और इसके दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, साथ ही जानेंगे 12 अगस्त को लगने वाले सूर्य ग्रहण में सूतक काल मान्य रहेगा या नहीं-
क्या भारत में दिखेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण?
भारतीय समय के अनुसार, 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण रात 9 बजकर 4 मिनट से शुरू होगा और अगले दिन सुबह 4 बजकर 25 मिनट तक रहेगा. हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारत में सूतक काल मान्य नहीं माना जाएगा.
हिंदू धर्म में सूतक उस समय को कहा जाता है, जो ग्रहण शुरू होने से कुछ घंटे पहले आरंभ होता है और ग्रहण समाप्त होने तक चलता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि को सामान्य समय की तुलना में अधिक संवेदनशील माना जाता है. इसलिए इस दौरान कुछ धार्मिक नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है.
कितने घंटे का होता है सूतक काल?सूतक काल का समय ग्रहण के प्रकार के अनुसार अलग-अलग होता है. जैसे-
- अगर चंद्र ग्रहण है, तो सूतक ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले लग जाता है.
- वहीं, सूर्य ग्रहण के मामले में यह अवधि 12 घंटे पहले से मानी जाती है.
- ग्रहण समाप्त होते ही सूतक काल भी खत्म हो जाता है.
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक लगने के बाद पूजा-पाठ और शुभ कार्यों से दूरी बनाई जाती है.
- मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं.
- घरों में भी नए कार्य शुरू करने या मांगलिक कार्यक्रम करने से बचा जाता है.
- इस दौरान भोजन पकाने और खाने से भी परहेज किया जाता है.
- हालांकि, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को इन नियमों में छूट दी जाती है.
सूतक काल को ध्यान, जाप और आत्मचिंतन के लिए अच्छा समय माना गया है. ज्योतिष शास्त्र में भी ग्रहण और सूतक को विशेष महत्व दिया गया है.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
यह भी पढ़ें- Ganga Dussehra 2026: गंगा दशहरा पर गंगा स्नान के समय कौन सा मंत्र जपना चाहिए? ज्योतिषाचार्य से जानें














