Sheetala Ashtami 2026: आज है शीतला अष्टमी, जानें आरोग्य की देवी माता शीतला की पूजा विधि, मंत्र और महाउपाय

Sheetala Ashtami vrat 2026: आज चैत्र मास के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि शीतला माता की पूजा कैसे करनी चाहिए? शीतला माता की पूजा का मंत्र क्या है? आरोग्य की देवी का आशीर्वाद पाने के लिए आज शीतला अष्टमी पर कौन सा उपाय करना चाहिए? शीतला अष्टमी व्रत की संपूर्ण विधि जानने के लिए पढ़ें ये लेख. 

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
Sheetala Ashtami Vrat 2026 Puja Vidhi: शीतला अष्टमी व्रत की विधि, मंत्र और महाउपाय
NDTV

Sheetala Ashtami Vrat Ki Puja Kaise Karen: पंचांग के अनुसार आज चैत्र मास के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि है, जिसे सनातन परंपरा में शीतला अष्टमी (बसोड़ा पूजा) के नाम से जाना जाता है. हिंदू धर्म में यह पावन तिथि सौभाग्य और आरोग्य की देवी शीतला माता की पूजा एवं व्रत के लिए समर्पित है. आज शीतला अष्टमी पर देवी दुर्गा के इस दिव्य स्वरूप की पूजा कैसे करें? शीतला माता की पूजा का नियम, मंत्र और महाउपाय आदि को आइए विस्तार से जानते हैं.

शीतला अष्टमी व्रत (बसोड़ा पूजा) कैसे करें?

शीतला माता से सुख-सौभाग्य के साथ आरोग्य का वरदान पाने के लिए आज साधक को प्रात:काल ठंडे पानी से स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए. इसके बाद घर के ईशान कोण में एक चौकी पर शीतला माता की मूर्ति या तस्वीर रखें और उसे पुष्प, नीम की पत्ती और हल्दी आदि से सजाएं. इसके बाद शीतला माता के चित्र पर गंगा जल छिड़कें और फिर चंदन, हल्दी, पुष्प, धूप-दीप फल, और एक दिन पूर्व बना हुआ भोजन, मालपुआ, मिठाई आदि अर्पित करें.

इसके बाद शीतला माता व्रत की कथा और स्तोत्र का पाठ करें. इसके बाद शीतला माता का ध्यान करते हुए उनके मंत्रों का जप करें. पूजा के अंत में शीतला माता की आरती करें तथा एक लोटे में गंगाजल या शुद्ध जल लेकर उसे नीम की पत्तियों से घर के सभी कोनों और व्यक्तियों पर छिड़कें तथा शीतला माता से सुख-सौभाग्य की कामना करें.  

शीतला माता की पूजा का मंत्र 

1. ॐ शीतलायै नमः

2. ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः'

3. शीतले त्वं जगन्माता शीतले त्वं जगत्पिता.
    शीतले त्वं जगद्धात्री शीतलायै नमो नमः.. 

4. वन्देऽहंशीतलांदेवीं रासभस्थांदिगम्बराम्. 
    मार्जनीकलशोपेतां सूर्पालंकृतमस्तकाम्..

शीतला अष्टमी पर करें ये उपाय

  • शीतला माता को ठंडी चीजें प्रिय हैं. ऐसे में आज ठंडे जल से स्नान करें. शीतला अष्टमी व्रत के इस नियम के पीछे मौसम के बदलाव के साथ अपने शरीर के तापमान को सामान्य बनाए रखना है. गर्मी के महीने में शीतल जल से स्नान व्यक्ति को निरोगी और स्वस्थ रखने में मददगार साबित होता है. 
  • शीतला अष्टमी की पूजा में आज माता शीतला को हल्दी जरूर अर्पित करें. साथ ही साथ हल्दी का तिलक लगाने के बाद उसे प्रसाद स्वरूप स्वयं और बाकी परविार के सदस्यों को लगाएं. हिंदू मान्यता के अनुसार हल्दी शीतल और रोगों को दूर करने वाली है. 

Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी से जुड़ी 7 बड़ी बातें जो इस व्रत करने वाले साधक को जरूर जाननी चाहिए

  • सौभाग्य और आरोग्य की प्राप्ति के लिए आज अपने घर के मुख्य द्वार पर हल्दी से स्वास्तिक बनाएं. 
  • आज शीतला अष्टमी के दिन नई झाड़ू खरीदकर घर में लाना अत्यंत ही शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस उपाय से माता शीतला का आशीर्वाद बरसता है. 
  • शीतला अष्टमी के दिन नीम और बरगद दोनों की पूजा करें. मान्यता है कि माता शीतला का इन दोनों पेड़ों पर वास होता है. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

Featured Video Of The Day
Iran Israel War 2026: ईरान इजरायल की Secret Oil Pipeline की कहानी जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया