Sheetala Mata ji ki Aarti: आज चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है. सनातन धर्म में इस दिन को शीतला अष्टमी के रूप में मनाया जाता है, जिसे कई जगहों पर बसोड़ा या बसौड़ा पूजा भी कहा जाता है. यह पर्व माता शीतला को समर्पित होता है और इस दिन भक्त पूरे श्रद्धा भाव से उनकी पूजा-अर्चना करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि माता शीतला की पूजा करने से घर-परिवार को रोगों और बीमारियों से रक्षा मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है.
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता शीतला को देवी पार्वती का स्वरूप माना जाता है. शीतला अष्टमी के दिन लोग अपने परिवार के अच्छे स्वास्थ्य और सुख-शांति के लिए माता से प्रार्थना करते हैं. सुबह स्नान करने के बाद भक्त माता शीतला की प्रतिमा या चित्र की विधि-विधान से पूजा करते हैं, उन्हें लाल वस्त्र अर्पित करते हैं और भोग चढ़ाते हैं. पूजा के बाद माता शीतला की आरती करना भी बहुत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि आरती करने से पूजा पूर्ण होती है और भक्तों को माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इसलिए शीतला अष्टमी के दिन पूजा के बाद श्रद्धा के साथ माता शीतला की आरती जरूर पढ़नी चाहिए.
यहां से पढ़ें शीतला माता की आरती | Sheetala Mata ki Aarti in Hindi
जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता,
आदि ज्योति महारानी सब फल की दाता। जय शीतला माता...
रतन सिंहासन शोभित, श्वेत छत्र भ्राता,
ऋद्धि-सिद्धि चंवर ढुलावें, जगमग छवि छाता। जय शीतला माता...
विष्णु सेवत ठाढ़े, सेवें शिव धाता,
वेद पुराण बरणत पार नहीं पाता । जय शीतला माता...
इन्द्र मृदंग बजावत चन्द्र वीणा हाथा,
सूरज ताल बजाते नारद मुनि गाता। जय शीतला माता...
घंटा शंख शहनाई बाजै मन भाता,
करै भक्त जन आरति लखि लखि हरहाता। जय शीतला माता...
ब्रह्म रूप वरदानी तुही तीन काल ज्ञाता,
भक्तन को सुख देनौ मातु पिता भ्राता। जय शीतला माता...
जो भी ध्यान लगावें प्रेम भक्ति लाता,
सकल मनोरथ पावे भवनिधि तर जाता। जय शीतला माता...
रोगन से जो पीड़ित कोई शरण तेरी आता,
कोढ़ी पावे निर्मल काया अन्ध नेत्र पाता। जय शीतला माता...
बांझ पुत्र को पावे दारिद कट जाता,
ताको भजै जो नाहीं सिर धुनि पछिताता। जय शीतला माता...
शीतल करती जननी तू ही है जग त्राता,
उत्पत्ति व्याधि विनाशत तू सब की घाता। जय शीतला माता...
दास विचित्र कर जोड़े सुन मेरी माता,
भक्ति आपनी दीजे और न कुछ भाता।
जय शीतला माता...।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)














