Shani Jayanti 2026: शनि जयंती पर इन 9 उपायों को करते ही दूर होंगे ढैय्या और साढ़ेसाती से जुड़े सारे कष्ट

Shani Jayanti Ke Upay: ज्योतिष में ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि यानि शनि जयंती को दंडाधिकारी कहलाने वाले शनि देवता की पूजा के लिए विशेष फलदायी माना गया है. ऐसे में कुंडली से जुड़े शनि दोष, जैसे ढैय्या एवं साढ़ेसाती से मुक्ति पाने के लिए किन उपायों को करना चाहिए, जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख. 

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
Shani Jayanti 2026: शनि जयंती के ज्योतिष उपाय
NDTV

Shani Ki Dhaiya Aur Sade Sati Ke Upay: हिंदू मान्यता के अनुसार इंसान हो या देवता, शनि के कोप से कभी कोई नहीं बच पाता है. जीवन में कभी न कभी शनि संबंधी परेशानी को झेलना ही पड़ता है. खास तौर पर तब जब शनि से संबंधित ढैय्या या फिर साढ़ेसाती चलती है. ज्योतिष के अनुसार जब कभी भी किसी इंसान पर शनिदेव की वक्र दृष्टि पड़ती है तो उसके जीवन में तमाम तरह की अड़चनें आने लगती हैं और बनते काम भी बिगड़ने लगते हें. यदि आपके जीवन में भी शनि सनसनी फैलाने का काम कर रहे हैं तो आपको उनसे जुड़े कष्टों को दूर करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए नीचे दिये गये सरल सनातनी उपायों को जरूर करना चाहिए.

शनि की ढैय्या एवं साढ़ेसाती का ज्योतिष उपाय

1. ज्योतिष के अनुसार शनि संबंधित दोष को दूर करने के लिए व्यक्ति को शनिवार के दिन विधि-विधान से शनि देवता की पूजा और व्रत रखना चाहिए. 
2. कुंडली में शनि को अनुकूल बनाने के लिए शनि जयंती वाले दिन सूर्यपुत्र शनिदेव की विशेष पूजा एवं प्रार्थना करनी चाहिए. 
3. शनि संबंधी पीड़ा को दूर करने के लिए शनि जयंती वाले दिन दशरथकृत शनि स्तोत्र का पाठ अथवा शनि देवता के वैदिक मंत्र का अधिक से अधिक जाप करना चाहिए. 
4. शनि ग्रह को अनुकूल बनाने के लिए तमाम उपायों के साथ अपने आचरण को सही रखना चाहिए और आलस्य से बचते हुए अपने काम समय पर सही तरीके से करने का प्रयास करना चाहिए. 

5. शनि दोष के दुष्प्रभाव से बचने के लिए व्यक्ति को भूलकर भी किसी मजदूर वर्ग या किसी दिव्यांग व्यक्ति को नहीं सताना चाहिए. 
6. शनि की ढैय्या और साढ़ेसाती से जुड़े कष्टों से बचने के लिए व्यक्ति को तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए. शनि दोष से बचने के लिए शराब एवं मांसाहार से दूर रहें. 
7. शनि के साढ़ेसाती के कष्टों से बचने के लिए शनिवार के दिन एक लोहे के पात्र में सवा किलो तिल या सरसों का तेल भरकर उसमें अपना चेहरा देखना चाहिए. इसके बाद उस तेल को पात्र समेत किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान कर देना चाहिए. 

Shani Jayanti 2026: शनि जयंती कब है? जानें सही तारीख, पूजा विधि और धार्मिक महत्व 

8. कुंडली में शनि संबंधित दोष होने पर उसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए व्यक्ति को किसी ज्योतिषी से सलाह लेकर शनि के रत्न नीलम या फिर शनि से संबंधित रुद्राक्ष को विधि-विधान से पूजा एवं मंत्र जप करने के बाद धारण करना चाहिए. 
9. सनतान परंपरा में शनि से संबंधित कष्टों से बचने के लिए हनुमान जी और भगवान शिव की विशेष रूप से साधना करनी चाहिए. 

Advertisement

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
 

Featured Video Of The Day
Israel Lebanon War: जंग में लेबनान के किन 2 इलाकों में इजरायल ने नहीं किए हमले? | Iran Israel War