Shani Dev Ke Kitne Vahan Hain: सनातन परंपरा में प्रत्येक देवी.देवता का अपना कोई न कोई वाहन होता है. जैसे भगवान श्री गणेश चूहे की तो भगवान शिव नंदी की तो भगवान विष्णु गरुण देवता की सवारी करते हैं. कुछ उसी प्रकार नवग्रहों में दंडाधिकारी कहे जाने वाले शनिदेव के भी एक नहीं बल्कि पूरे 9 वाहनों की सवारी करते हैं. मत्स्य पुराण के अनुसार शनिदेव गिद्ध की सवारी भी करते हैं और उनका वाहन लोहे का बना हुआ है. अपने हाथों में धनुष, बाण और त्रिशूल धारण करने वाले शनिदेव प्रत्येक व्यक्ति को कर्म के अनुसार फल देते हैं. आइए शनिदेव के प्रत्येक वाहन और उसके महत्व के बारे में जानते हैं.
शनि देव के कितने वाहन हैं?
हिंदू मान्यता के अनुसार शनिदेव के कुल 9 वाहन हैं. जिनमें कौआ, भैंसा, मोर, शेर, सियार, हाथी, घोड़ा, गधा और हंस शामिल हैं. इन सभी में कौआ और भैंसा अक्सर आपको शनिदेव की मूर्तियों और चित्र में नजर आता होगा. इनमें कौए को अमूमन लोग शनिदेव का प्रमुख वाहन मानते हैं. मान्यता है कि शनिदेव जिस वाहन में सवार होकर कुंडली में प्रवेश करते, उसी प्रकार वे अपना फल प्रदान करते हैं. आइए शनिदेव के सभी वाहनों के बारे में विस्तार से जानते हैं.
1. कौआ (Crow)
सबसे पहले बात करते हैं शनिदेव की चर्चित सवारी कौए की. ज्योतिष के अनुसार जब शनि का वाहन कौआ होता है तो व्यक्ति के जीवन में तमाम तरह की उठापटक की स्थिति होती है. घर और बाहर दोनों जगह वाद.विवाद होने की आशंका बनी रहती है. शनि का वाहन कौआ व्यक्ति सतर्क रहने और सूझबूझ से काम करने की सीख देता है.
2. मोर (Peacock)
पक्षियों में कौए की तरह मोर को भी शनि देवता की सवारी माना गया है. मान्यता है कि जब शनिदेव मोर पर सवार होकर आते हैं तो व्यक्ति को सौभाग्य का पूरा साथ मिलता है. कहने का तात्पर्य यह है कि शनि की मोर पर सवारी करना शुभ माना गया है. व्यक्ति को उसके प्रयासों का शुभ फल प्राप्त होता है.
3. हंस (Swan)
शनि देवता द्वारा पक्षियों में हंस की सवारी करना अत्यंत ही शुभ माना गया है. जब कभी भी शनिदेव हंस पर सवार होकर आते हैं तो व्यक्ति को जीवन में मनचाही सफलता और मान.सम्मान प्राप्त होता है.
4. सियार (Jackal)
ज्योतिष के अनुसार शनि देवता द्वारा सियार की सवारी करना अशुभ माना गया है. जब कभी भी शनिदेव सियार की सवारी करते है तो वह आपके जीवन में आने वाली अशुभ घटनाओं के घटने का संकेत होता है. ऐसे समय में जातक को सही रास्ते पर चलते सद्कर्म करना चाहिए तथा शनिदेव के साथ हनुमत साधना करनी चाहिए.
5. गधा (Donkey)
ज्योतिष के अनुसार यदि शनिदेव की सवाल गधा हो तो समझ लीजिए कि आपको सोचे हुए कार्य को पूरा करने के लिए अधिकर परिश्रम और प्रयास करने होंगे. शनि जब कभी भी गधे पर सवार होकर आते हैं तो व्यक्ति को काफी संघर्ष करना होता है. इस दौरान परिश्रम के अलावा कोई भी चारा नहीं होता है.
6. घोड़ा (Horse)
ज्योतिष के अनुसार जब शनि देवता घोड़े की सवारी करते हैं तो वह समय अत्यंत ही शुभ कहलाता है. शनिदेव के घोड़े की सवारी यह संकेत करती हैं कि आप अपने शुभ समय का सदुपयोग करते हुए आगे बढ़ें और ढेर सारी सफलता प्राप्त करें. इस दौरान आप प्रयास करें तो आप अपनी समस्याओं का समाधान आसानी से खोज सकते हैं.
7. भैंसा (Buffalo)
भैंसा यम फिर कहें धर्मराज का वाहन माना जाता है. शनि देव को दंडाधिकारी कहा गया है. जो व्यक्ति को उसके धर्म और कर्म के अनुसार फल प्रदान करते हैं. ज्योतिष के अनुसार शनि देवता का वाहन भैंसा होने पर मिलेजुले फल प्राप्त हाते हैं. शनिदेव द्वारा भैंसे की सवारी संकेत देती है कि यदि आप सही कार्य करते हुए आगे बढ़ते हैं तो आपको उसके सही फल मिलेंगे, लेकिन यदि आप गलत काम करते हैं तो आपको उसके अशुभ फल प्राप्त हो सकते हैं.
8. हाथी (Elephant)
ज्योतिष के अनुसार शनिदेव हाथी की भी सवारी करते हैं. जब यह शनि देवता इस वाहन पर सवार होते हैं तो व्यक्ति को अशुभ फल के प्राप्त होते हैं. इस दौरान उसे परिश्रम के मुकाबले कम फल प्राप्त होते हैं. यदि शनि का वाहन हाथी हो तो व्यक्ति को धैर्य के साथ काम करते हुए लगातार परिश्रम करना चाहिए.
9. शेर (Lion)
शनि देवता के द्वारा सिंह की सवारी करना ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत ही शुभ माना गया हैं. मान्यता है कि यदि शनिदेव सिंह की सवारी करते हैं तो उस दौरान व्यक्ति को जीवन से चुनौतियों का सामना करने बल और उर्जा प्राप्त होती है. वह परिश्रम और प्रयास से सफलता को प्राप्त करता है. हालांकि इस दौरान व्यक्ति को अभिमान करने से बचना चाहिए.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)














