Puja Ghar ka vastu: घर में कहां और कैसा पूजा स्थान होना चाहिए? जानें मंदिर और मूर्ति से जुड़े 7 बड़े वास्तु नियम

Vastu Tips for House Temple : सनातन परंपरा पर विश्वास रखने वाला हर व्यक्ति अपने घर के किसी न किसी कोने में अपने आराध्य का मंदिर या फिर कहें पूजा स्थान जरूर बनाता है, लेकिन उसकी यह पूजा तब शीघ्र ही सफल और सिद्ध होती है, जब वह मंदिर और मूर्ति से जुड़े इन नियमों का पूरी तरह से पालन करता है.

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Mandir Aur Murti Ka Vastu Niyam: घर के मंदिर और मूर्ति से जुड़े 7 जरूरी वास्तु नियम
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Mandir Aur Murti Ka Vastu Niyam: हिंदू धर्म से जुड़े हर व्यक्ति के घर में देवी-देवताओं की पूजा करने के लिए एक छोटा सा मंदिर या फिर कहें पूजा स्थान जरूर होता है. यह वो पवित्र स्थान होता है, जहां पर लोग प्रतिदिन तन और मन से पवित्र होने के बाद अपने आराध्य की साधना-आराधना करते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि इस मंदिर या फिर कहें पूजा घर के लिए सही दिशा और उसमें रखी जाने वाली मूर्ति के आकार और संख्या आदि को लेकर कुछेक वास्तु नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है. आइए मंदिर और देवी-देवताओं की मूर्ति से जुड़े जरूरी नियमों को विस्तार से जानते हैं. 

  • हिंदू मान्यता के अनुसार घर में बनाए जाने वाले मंदिर को ईशान कोण में बनवाना चाहिए. यदि आप अपने घर में अपने पूजा घर को बनवाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो जान लीजिए घर में रखे जाने वाले मंदिर की ऊंचाई हमेशा उसकी चौड़ाई से दोगुनी होनी चाहिए. 
  • हिंदू मान्यता के अनुसार घर के पूजा घर में सिर्फ देवी-देवताओं की मूर्ति या तस्वीरें रखनी चाहिए, उसके साथ किसी मृत व्यक्ति तस्वीर या मूर्ति कभी भूलकर न रखें. मंदिर के भीतर रखी जाने वाली मूर्ति और चित्र आदि हमेशा सही अवस्था में होने चाहिए. कटे-फटे चित्र और टूटी-फूटी मूर्तियों को शीघ्र ही घर से बाहर कर देना चाहिए. 
  • वास्तु के अनुसार घर का पूजा घर अथवा सीढ़ी के नीचे, किचन या बाथरूम के बगल में सटाकर नहीं बनाना चाहिए और न ही उसके आसपास कोई गंदगी रखनी चाहिए. 
  • आपका मंदिर या पूजा घर घर के ईशान कोण में कुछ इस प्रकार रखा होना चाहिए कि पूजा करते समय आपका मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रहे. 
  • पूजा घर को कभी भूलकर भी अपने बेडरूम या किचन में नहीं बनाना चाहिए. यदि आपके पास एक ही कमरा है तो आप उसमें बने पूजा घर को रात्रि के समय परदे से ढंक दिया करें. 
  • वास्तु के अनुसार पूजा घर की दीवार या फिर कहें कलर हमेशा हल्के पीले, क्रीम, आरेंज या फिर कहें शुभ रंग का होना चाहिए. डार्क कलर का मंदिर बनवाने से बचना चाहिए. 
  • वास्तु के अनुसार घर के पूजा स्थान में कभी भी एक ही देवता की दो मूर्तियां नहीं रखना चाहिए. इससे  पूजा-पाठ के दौरान साधक का ध्यान बंटता है. इसी प्रकार एक देवी या देवता की दो मूर्ति होने पर ऊर्जा असंतुलित होती है. घर के मंदिर में एक से अधिक गणेश, शिवलिंग आदि रखने से बचें और जो भी मूर्तियां भी हांथ के अंगूठे से ज्यादा बड़ी न रखें।

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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