Padmini Ekadashi Par Kya Nahi Karna Chahiye: पंचांग के अनुसार आज अधिक ज्येष्ठ मास के शुक्लपक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे पद्मिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. यह शुभ संयोग है कि अधिक मास और एकादशी दोनों ही भगवान विष्णु को समर्पित है. ऐसे में आज श्री हरि के लिए रखे जाने वाले इस व्रत का धार्मिक महत्व कई सौ गुना ज्यादा बढ़ गया है. सनातन परंपरा में किसी देवी या देवता की पूजा, व्रत और उपवास का पुण्यफल पाने के लिए तमाम तरह के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी माना गया है. आज अधिक मास की पद्मिनी एकादशी जिसे कमला एकादशी या पुरुषोत्तमी एकादशी भी कहा जाता है, उसका पूरा पुण्यफल पाने के लिए किन गलतियों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए, आइए उसके बारे में विस्तार से जानते हैं.
1. एकादशी व्रत वाले दिन सूर्योदय के बाद देर तक नहीं सोना चाहिए. इसी प्रकार आज व्रत वाले दिन सूर्यास्त से पहले नहीं सोना चाहिए अन्यथा इस व्रत के लिए किया गया जप और तप क्षीण हो जाता है.
2. हिंदू मान्यता के अनुसार एकादशी व्रत का पुण्यफल पाने के लिए हमेशा सही दिशा और स्थान पर बैठकर भगवान विष्णु का पूजन करना चाहिए. ऐसे में आज घर के ईशान कोण यानि पूर्वोत्तर दिशा में पवित्र स्थान पर ही पूजा करें. आज भूलकर भी दक्षिण दिशा में या फिर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पूजा करने की गलती न करें.
3. एकादशी व्रत में अन्न और नमक का सेवन नहीं किया जाता है. अन्न में भी चावल का तो भूलकर भी सेवन नहीं करना चाहिए. ऐसे में आज यदि संभव हो तो व्यक्ति को फलहार करना चाहिए.
4. एकादशी व्रत वाले दिन भूलकर भी तामसिक चीजों जैसे मांस-मदिरा, प्याज, लहसुन आदि का सेवन न करें. एकादशी व्रत के विधान के अनुसार जिन चीजों का सेवन करने की मनाही है, उसे एक दिन पहले सायंकाल से बंद कर देना चाहिए.
5. एकादशी व्रत वाले दिन भूलकर भी क्रोध न करें और न ही किसी का अपमान करें. एकादशी की पावन तिथि पर किसी के प्रति बुरे ख्याल नहीं लाना चाहिए.
6. आज अधिक मास की पद्मिनी एकादशी पर भगवान विष्णु को तुलसी अर्पित करना अत्यधिक पुण्यदायी माना गया है, लेकिन वहीं आज इसे तोड़ने की मनाही है. ऐसे में आज पुण्य को पाने और पाप से बचने के लिए तुलसी के पत्ते न तोड़ें.
7. हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु का पुण्य बरसाने वाली पावन एकादशी वाले दिन व्यक्ति को स्त्री प्रसंग से दूर रहना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.
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8. हिंदू मान्यता के अनुसार अधिक मास की पद्मिनी तिथि पर भूलकर भी बाल या नाखून नहीं काटना चाहिए. मान्यता यह भी है कि आज के दिन महिलाओं को अपने बाल भी नहीं धोना चाहिए.
9. हिंदू मान्यता के अनुसार अधिक मास की एकादशी पर किए जाने वाले दान का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है, लेकिन ध्यान रहे कि दान करते समय भूलकर भी अभिमान न करें और न ही खराब वस्तु, वस्त्र या अन्न का दान करें अन्यथा पुण्य की जगह पाप लगता है.
10. हिंदू मान्यता के अनुसार एकादशी का व्रत तब तक अधूरा है, जब तक इसका अगले दिन शुभ मुहूर्त में पारण न किया जाए, इसलिए बगैर पारण के इस व्रत को न छोड़ें.














