Mohini Ekadashi 2026: मोहिनी एकादशी व्रत का महामंत्र, जिसे जपते ही कटेंगे सारे कष्ट और पूरी होंगी मनोकामनाएं

Ekadashi Vrat Ka Mantra Kya Hai: पंचांग के अनुसार आज वैशाख मास के शुक्लपक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे सनातन परंपरा में मोहिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है. भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार से जुड़ी इस पावन एकादशी में आखिर किन मंत्रों को जपने से पूरी होती है मनोकामना, जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख.

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Mohini Ekadashi Mantra Jaap: मोहिनी एकादशी की पूजा का मंत्र
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Ekadashi Vrat Me Kis Mantra Ka Jaap Karna Chahiye: सनातन परंपरा में हर महीने में दो बार और साल भर में 24 बार पड़ने वाली एकादशी (Ekadashi Vrat) का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. हिंदू मान्यता के अनुसार प्रत्येक मास में कृष्णपक्ष और शुक्लपक्ष में पड़ने वाली एकादशी पर विधि-विधान से व्रत करने पर साधक के सभी कष्ट दूर और कामनाएं पूरी होती हैं. एकादशी तब और भी अधिक पुण्यदायी और फलदायी हो जाती है, जब यह वैशाख मास के शुक्लपक्ष में पड़ती है और मोहिनी एकादशी कहलाती है. आइए जानते हैं कि आज मोहिनी एकादशी व्रत पर किस मंत्र को जपने से भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) शीघ्र प्रसन्न होकर आपकी मनोकामना को पूरा करते हैं. 

प्रार्थना मंत्र:

मंगलं भगवान विष्णुः, मंगलं गरुडध्वजः.
मंगलं पुण्डरी काक्षः, मंगलाय तनो हरि.

शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम्
विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्.
लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनम् योगिभिर्ध्यानगम्यम्
वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्.

स्तुति मंत्र:

ॐ ह्रीं कार्तविर्यार्जुनो नाम राजा बाहु सहस्त्रवान.
यस्य स्मरेण मात्रेण ह्रतं नष्‍टं च लभ्यते.. 

विष्णु गायत्री मंत्र : ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णु प्रचोदयात्.

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एकादशी व्रत का सरल जप मंत्र: 

ॐ श्री विष्णवे नमः

ॐ नमो नारायणाय

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

मोहिनी एकादशी पर कैसे जपें मंत्र?

भगवान विष्णु की कृपा बरसाने वाली मोहिनी एकादशी व्रत वाले साधक को प्रात:काल स्नान-ध्यान करने के बाद पीले रंग के वस्त्र धारण करना चाहिए और भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की प्रतिमा या फिर उनके चित्र की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए. मोहिनी एकादशी व्रत वाले दिन भगवान विष्णु की पूजा में पीले पुष्प, पीले फल, पीले वस्त्र और पीले रंग का मिष्ठान चढ़ाएं. श्री हरि की पूजा में विष्णुप्रिया कहलाने वाली तुलसी (Tulsi) दल को चढ़ाना बिल्कुल न भूलें. 

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मोहिनी एकादशी व्रत का मंत्र जपने से पहले भगवान विष्णु के सामने शुद्ध देशी घी का दीया जलाएं और अपनी कामना या आस्था के अनुसार मंत्र को पीले चंदन अथवा तुलसी की माला से जपें. मंत्र को जपते समय माला किसी कपड़े से ढंककर या गोमुखी में डालकर जपें. मंत्र का जाप बोलकर नहीं बल्कि मन में करें. मंत्र जप (Mantra Jap) के लिए किसी दूसरे का आसन न प्रयोग करें. एकादशी व्रत के लिए पीले रंग का आसन प्रयोग करें. मंत्र जप के बाद आसन के नीचे दो बूंद जल गिराकर उसे अपने माथे से लगाएं. इसके बाद  भगवान विष्णु की श्रद्धा और विश्वास के साथ आरती करें. 

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मोहिनी एकादशी पर मंत्र जप के लाभ 

हिंदू मान्यता के अनुसार मोहिनी एकादशी व्रत वाले दिन श्रद्धा और विश्वास से भगवान विष्णु के मंत्र का जप करने से साधक को सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है. श्री हरि से जुड़े मंत्र का जप जीवन से जुड़े सभी दुखों को दूर करके सभी कामनाओं को शीघ्र ही पूरा करता है. एकादशी की पूजा में जपे जाने वाले विष्णु मंत्र के जप से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है. हिंदू मान्यता के अनुसार एकादशी व्रत वाले दिन श्री हरि के तमाम मंत्रों के जप की तरह भगवान विष्णु की महिमा का गुणगान करने वाले "विष्णु सहस्रनाम" का पाठ भी सभी कामनाओं को पूरा करने वाला माना गया है. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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