Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि कब है? 15 या 16 फरवरी, जानें सही तारीख और शिव पूजा के 10 महाउपाय

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि 2026 साल, 15 या 16 फरवरी में से किस दिन पड़ेगा? तारीख से लेकर पूजा के शुभ मुहूर्त का सारा कन्फ्यूजन दूर करने और महादेव की पूजा के 10 महाउपाय जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख.

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Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि की पूजा के 10 महाउपाय
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Mahashivratri 2026 Puja Ke Upay: सनातन परंपरा में शिव पूजा के लिए महाशिवरात्रि का पर्व सबसे उत्तम माना गया है. हिंदू मान्यता के अनुसार इसी पावन तिथि पर महादेव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. मान्यता यह भी है कि इसी पावन रात्रि पर भगवान शिव ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे. औघड़दानी भगवान शिव की कृपा बरसाने वाली यह पावन रात्रि इस साल कब पड़ेगी? महा​शिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा का समय क्या होगा और क्या हैं महाशिवरात्रि की पूजा के 10 महाउपाय, आइए इसे विस्तार से जानते हैं. 

महाशिवरात्रि 2026 कब है: भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे उत्तम मानी जाने वाली महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026, रविवार को पड़ेगी. 

महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा का समय

पहला प्रहर: सायंकाल 06:01 से रात्रि में 09:09 बजे तक
दूसरा प्रहर: रात्रि में 09:09 से लेकर 16 फरवरी 2026 को 00:17 बजे तक 
तीसरा प्रहर: 16 फरवरी 2026 को पूर्वाहन 00:17 से लेकर 03:25 बजे तक
चौथा प्रहर: 16 फरवरी 2026 को पूर्वाह्न 03:25 से लेकर प्रात: 06:33 बजे तक

निशीथ काल की पूजा समय: रात्रि को 11:52 से लेकर अगले दिन 16 फरवरी 2026 को पूर्वाह्न 12:42 बजे तक

महाशिवरात्रि की पूजा के 10 महाउपाय (10 worship remedies for Mahashivratri 2026)

1. महाशिवरात्रि पर अगर आप महादेव को मनाना चाहते हैं तो आपको इस दिन तन और मन से पवित्र होने के बाद किसी शिवालय पर जाकर शिवलिंग पर गंगाजल अवश्य चढ़ाना चाहिए. शिव पूजा का यह उपाय और भोग और मोक्ष दोनों प्रदान करेगा. 

2. महाशिवरात्रि की पूजा करने वाले साधक को सफेद या फिर उजले कपड़े पहनकर भगवान शिव की साधना करना चाहिए. यदि संभव तो बिना सिले हुए सफेद कपड़े जैसे सफेद धोती पहनकर रुद्राभिषेक आदि कार्य करना चाहिए. 

3. हिंदू मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को दूध अर्पित करने पर वे शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं. यदि संभव हो तो ​इस दिन गाय के दूध से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए. 

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 4. भगवान भोलेनाथ की पूजा में सफेद चंदन और भस्म को अर्पित करने का बहुत महत्व माना गया है. ऐसे में शिव साधक को भगवान भोले नाथ को शिवलिंग पर सफेद चंदन या भस्म से त्रिपुंड बनाना चाहिए और बाद में प्रसाद स्वरूप अपने माथे पर भी तिलक के रूप में धारण करना चाहिए. 

5. हिंदू धर्म में रुद्राक्ष को भगवान शिव का महाप्रसाद माना गया है. मान्यता है कि पूजा में इसे चढ़ाने पर महादेव शीघ्र ही प्रसन्न होते हैं और मनचाहा आशीर्वाद देते हैं. ऐसे में शिव साधक को महाशिवरात्रि विशेष रूप से भगवान शिव को रुद्राक्ष अर्पित करना चाहिए और उसे उनका प्रसाद मानते हुए लाल या सफेद रंग के धागे में गले या बाजु में धारण करना चाहिए. 

6. महाशिवरात्रि पर यदि आप किसी शिवालय पर न जा सकें तो अपने घर में पारद या फिर मिट्टी से बने पार्थिव शिवलिंग की विधि-विधान से पूजा और अभिषेकर करें. 

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7. यदि आपकी कुंडली में राहु और केतु से जुड़ा दोष है तो उसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा में जल में कुश और दूर्वा डालकर शिवलिंग पर चढ़ाएं. जल चढ़ाने के बाद भगवान शिव को 21 सफेद पुष्प अर्पित करें. 

8. महाशिवरात्रि पर महादेव की पूजा पूरी श्रद्धा, भक्ति और समर्पण के साथ करें तथा शिव साधना करते समय भूलकर भी क्रोध या फिर किसी के प्रति गलत भावना न लाएं. 

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9. यदि आप आर्थिक रूप से परेशान चल रहे हैं तो इस महाशिवरात्रि पर स्फटिक से बने शिवलिंग की विधि-विधान से पूजा ओर गाय के कच्चे दूध से रुद्राभिषेक करें. महाशिवरात्रि पर महादेव की पूजा का यह उपाय आपको सुख-समृद्धि प्रदान करेगा. 

10 महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का आशीर्वाद और किसी कार्य विशेष में सफलता पाने के लिए किसी विद्वान पंडित के माध्यम से पारद शिवलिंग की पूजा एवं रुद्राभिषेक करना चाहिए. 

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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