लोहड़ी जलाने का शुभ मुहूर्त और पूजा की पूरी विधि क्या है, यहां जानिए

Lohri jalane ka shubh muhurat: सुख, समृद्धि, सौभाग्य से जुड़ा लोहड़ी पर्व बसंत ऋतु और जीवन में नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. आज लोहड़ी पर किन चीजों का ख्याल रखने से शुभता बढ़ती है और किन चीजों की अनदेखी से दोष लगता है? पूजा से जुड़े नियम, उपाय और शुभ मुहूर्त जानने के लिए पढ़ें ये लेख.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
Lohri 2026: लोहड़ी जलाने का शुभ मुहूर्त और जरूरी नियम
NDTV

हर साल की तरह मकर संक्रांति से ठीक एक दिन पहले आज लोहड़ी का पर्व धूम-धाम से मनाया जा रहा है.  पंजाब के कुछ क्षेत्रों में लोहड़ी को लोही भी कहा जाता है. लोकपरंपरा से जुड़े इस पर्व को मनाने के लिए 10-12 दिन पहले से लकड़ी और उपले आदि को इकट्ठा करने का काम शुरु हो जाता है. लोहड़ी वाले दिन गांव और कस्बे में खुले स्थानों में तो वहीं शहरी क्षेत्रों में चौराहे आदि पर लोग एक जगह इकट्ठे होकर अग्नि जलाकर इस पावन उत्सव को मनाते हैं. लोहड़ी जलाने के बाद इसकी जलती हुई आग में भुनी हुई मूंगफली और भुने हुए मक्का की फुल्लियां को अर्पित करने का रिवाज है. 

हालांकि लोहड़ी का शगुन तक नहीं पूरा होता है, जब तक अग्नि में तिल से बनीं रेवड़ियां न अर्पित कर दी जाएं. लोहड़ी की आग जलते ही लोग इसके पास एकत्र होकर सबसे पहले अग्नि देवता की पूजा और परिक्रमा करते हैं. लोहड़ी की परिक्रमा करने से पहले घर का वरिष्ठ सदस्य अपने पास से गुड़, तिल, रेवड़ियां, मूंगफली और मक्के की फुल्लियां अर्पित करने के लिए देता है. इसके बाद लोग एक दूसरे को शुभकामना देते हैं.आइए लोहड़ी को जलाने का शुभ मुहूर्त, इससे जुड़े नियम और महाउपाय को विस्तार से जानते हैं. 

लोहड़ी जलाने का शुभ मुहूर्त 


पं. हृदेश शास्त्री के अनुसार सनातन परंपरा में अग्नि जलाने के दो सिद्धांत बताए गये हैं. किसी यज्ञ आदि के लिए अग्नि प्राय: दोपहर 12 बजे के पूर्व जलाई जाती है और पर्व विशेष आदि के अनुसार संध्याकाल में जलाई जाती है. ऐसे में लोहिड़ी के लिए अग्नि प्रज्जवलित करने के लिए प्रदोष काल सबसे उत्तम रहेगा. पं. हृदेश शास्त्री के अनुसार आज लोहिड़ी जलाने के लिए आज सायंकाल 4:00 बजे से लेकर पूरी रात्रि का समय शुभ है, लेकिन 05:20 से लेकर 07:30 बजे तक सबसे उत्तम कहा जाएगा. 

कैसे करें लोहड़ी की पूजा?

लोहड़ी पर्व को मनाने के लिए घर के बाहर एक खुली जगह पर साफ-सफाई कर लें और शाम के समय शुभ मुहूर्त में लकड़ी और गोबर से बने उपले को इकट्ठा करके अग्नि प्रज्जवलित करें. इसके बाद अग्नि की चार या फिर 11 परिक्रमा करें तथा प्रत्येक परिक्रमा पर अग्नि देवता को तिल, गुड़, रेवड़ी, मूंगफली और भुने हुए मक्का की फुल्लियां यानि पापकॉर्न अर्पित करते हुए अपने और परिवार की मंगलकामना करें. परिक्रमा करने के बाद अपनों से बड़ों का आशीर्वाद लें और सभी को प्रसाद बांटें तथा स्वयं भी ग्रहण करें. 

लोहड़ी पर क्या करें 

  • लोहड़ी के पर्व पर अपनी पकी हुई फसल से कुछ अंश निकालकर उसे अग्नि देवता को अर्पित किया जाता है ताकि उनके आशीर्वाद से हमेशा अच्छी पैदावार हो और सुख-समृद्धि बनी रहे. 
  • लोहड़ी के दिन अग्नि प्रज्जवलित होते समय अपने परिवार के साथ मौजूद रहें और उसकी परिक्रमा अवश्य करें. मान्यता है कि अग्नि की पूजा और परिक्रमा करने से वंश की वृद्धि होती है और जीवन सुखमय बना रहता है. 
  • लोहड़ी के पावन पर्व पर लोगों को शुभकामनाएं देने के साथ अपने से बड़ों का आशीर्वाद लेना बिल्कुल न भूलें. 
  • लोहड़ी के पावन अवसर पर अपनी नव विवाहित बेटी के यहां उपहार स्वरूप तिल से बनी मिठाईयां, कपड़े आदि का रिवाज है. ​इसे पंजाब में सिंधारा तो वहीं हिमाचल में तिहार कहते हैं. 

लोहड़ी पर क्या न करें 

  • लोहड़ी पर काले या सफेद कपड़े पहनने से बचना चाहिए. 
  • लोहड़ी की पवित्र अग्नि में डालने के लिए हमेशा साफ मूंगफली, गजक, रेवड़ी आदि को अलग से रखें. कभी भूलकर भी उसमें जूठी मूंगफली, गजक, रेवड़ी आदि को न फेंके, वरना आपको बड़ा दोष लग सकता है. 
  • लोहड़ी के पर्व पर किसी की आलोचना न करें और न ही किसी से गलत व्यवहार करें. इस दिन सभी से हंसी-खुशी मिलें और खुशियां बांटने का प्रयास करें.
  • लोहड़ी के दिन स्नान करना अत्यंत ही आवश्यक माना गया है. इस पर्व पर स्नान न करने पर दोष लगता है, इसलिए लोहड़ी पर स्नान अवश्य करें.   

लोहड़ी का महाउपाय 


लोहड़ी के पावन पर्व वर सुख-सृद्धि और सौभाग्य को पाने के लिए किसी जरूरतमंद व्यक्ति को लाल कपड़े में गेहूं बांधकर दान करना चाहिए. यदि आपके घर में किसी लड़के का हाल ही में विवाह हुआ हो तो उसके सुखी वैवाहिक जीवन एवं वंश वृद्धि की कामना करते हुए विशेष रूप से न सिर्फ लोहड़ी का प्रसाद लोगों को बांटें बल्कि जरूरतमंद लोगों को अपने सामर्थ्य के अनुसार अन्न और वस्त्र का विशेष रूप से दान करें. लोहड़ी का पुण्यफल पाने के लिए अग्नि की परिक्रमा अवश्य करें. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

Featured Video Of The Day
Aligarh Muslim University Student Suicide: AMU के अंदर छात्रा ने क्यों दी जान? #shorts #upnews