Ketu Ki Shanti Ke Jyotish Upay: ज्योतिष के नवग्रहों में राहु को सर्प का सिर और केतु को उसकी पूंछ वाला हिस्सा माना जाता है. इन दोनों को ही छाया ग्रह माना गया है. ज्योतिष के अनुसार कुंडली में केतु अचानक घटने वाली घटनाओं, रहस्य, अलगाव, मोक्ष, अध्यात्म, वैराग्य का कारक माना जाता है. यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में केतु से संबंधित दोष हो तो वह अक्सर मानसिक परेशानियों या फिर अवसाद से घिरा रहता है. ऐसे व्यक्ति को चोटिल या फिर रोग आदि से पीड़ित होने का खतरा बना रहता है. यदि आपकी कुंडली में भी केतु आपके बड़े कष्टों का कारण बन रहा है तो आपको उससे बचने के लिए नीचे बताये गये उपायों को एक बार जरूर आजमाना चाहिए.
- हिंदू मान्यता के अनुसार कुंडली में स्थित केतु से जुड़े दोषों से बचने के लिए गणपति की साधना करना चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार गणपति को केतु का नियंत्रक माना जाता है. ऐसे में केतु से जुड़ी बाधाओं को दूर करने और शुभ फल की प्राप्ति के लिए प्रतिदिन दूर्वा चढ़ाकर गणपति की विधि-विधान से पूजा करें. केतु के अशुभ फल से बचने के लिए यदि संभव हो तो बुधवार के दिन भगवान श्री गणेश जी का व्रत रखें.
- यदि आपकी कुंडली में केतु कष्टों का बड़ा कारण बन रहा हो तो आपको उसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए प्रतिदिन 'ॐ कें केतवे नम:' मंत्र का जप करना चाहिए. केतु के मंत्र का जप प्रतिदिन स्नान-ध्यान करने के बाद रुद्राक्ष की माला से ही करें.
- हिंदू मान्यता के अनुसार केतु के अशुभ फल से बचने के लिए मंगलवार या शनिवार को काला कंबल, काला-सफेद तिल, काला छाता, तिल का तेल, सतनजा, आदि का दान करना चाहिए.
- ज्योतिष के अनुसार यदि कुंडली में केतु से जुड़े दोष आपकी परेशानियों का बड़ा कारण बन रहे हों तो आपको कुत्तो की सेवा करनी चाहिए. केतु के कष्टों से बचने के लिए प्रतिदिन कुत्तों को रोटी या बिस्कुट खिलाएं.
- ज्योतिष के अनुसार केतु के अशुभ फल से बचने के लिए व्यक्ति को 9 मुखी रुद्राक्ष विधि-विधान से धारण करना चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार यह रुद्राक्ष देवी दुर्गा और केतु से संबंधित होता है, जिसे धारण करने पर व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है और उसका कन्फ्यूजन दूर होता है.
Shani Jayanti 2026: शनि जयंती की पूजा से पहले जरूर जान लें दंडाधिकारी शनिदेव की 10 बड़ी बातें
- केतु के दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए व्यक्ति को रविवार के दिन बहते हुए पानी में सफेद और काले तिल बहाना चाहिए.
- केतु के कष्टों को दूर करने के लिए यदि संभव हो तो व्यक्ति को काली गाय का दान करना चाहिए.
- केतु के अशुभ फलों से बचने के लिए व्यक्ति को प्रतिदिन अपने माथे पर सफेद चंदन लगाना चाहिए.
- अगर कुंडली में केतु कष्टों का कारण बन रहा हो तो किसी भी मछलियों को आटे की गोलियां खाने के लिए डालनी चाहिए.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)














