कब होगा गुरु का कर्क राशि में गोचर? जानें किसकी बदलेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान

Guru Ka Gochar 2025: सुख-सौभाग्य के दाता देवगुरु बृहस्पति 18 अक्टूबर 2025 को कर्क राशि में गोचर करने जा रहे हैं. जहां पर वे 49 दिनों तक रहते हुए 12 राशियों पर अपना विशेष प्रभाव डालेंगे. गुरु का गोचर मेष से लेकर मीन राशि वालों के लिए शुभ या अशुभ रहने वाला है, जानने के लिए पढ़ें ये लेख.

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बृहस्पति के कर्क राशि में गोचर करने से 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव?
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Jupiter Transit in Cancer 2025: ज्योतिष में बृहस्पति (Jupiter) को नवग्रहों में 'देवगुरु' का स्थान प्राप्त है. यह ग्रह ज्ञान, धर्म, नीति, संतान, गुरु, आशीर्वाद, भाग्य, शिक्षा, और समृद्धि का प्रतीक है. जब भी यह राशि परिवर्तन करता है, विशेषकर उच्च राशि कर्क (Cancer) में प्रवेश करता है, तब इसका प्रभाव अधिक तीव्र और व्यापक होता है. बृहस्पति की उच्च राशि कर्क होती है और यह चंद्रमा के घर में प्रवेश करता है. यह भावनात्मक बुद्धि, करुणा, पारिवारिक विस्तार, और आध्यात्मिक चेतना को जाग्रत करता है.

आखिर क्यों खास है 18 अक्टूबर 2025 को होने वाला गुरु का कर्क में गोचर?

देवगुरु बृहस्पति का कर्क राशि में गोचर केवल राशि परिवर्तन नहीं है, बल्कि यह 49 दिनों तक उच्चता के शिखर पर स्थित बृहस्पति का वैचारिक, मानसिक और सामाजिक जीवन में सकारात्मक क्रांति लाने का समय है. इसके प्रभाव से लोगों के भीतर और करुणा और कर्तव्य की गहराई बढ़ेगी. पारिवारिक मूल्यों और आध्यात्मिकता में वृद्धि होगी. इस दौरान भावनात्मक निर्णय भी व्यावहारिक परिणाम देंगे. गुरु का कर्क राशि में गोचर 12 राशियों पर क्या प्रभाव डालेगा, आइए इसे जानी-मानी ज्योतिषाचार्य व वास्तुविद डॉ. नीति शर्मा से विस्तार से जानते हैं —

1. मेष राशि (Aries)

गुरु के गोचर का प्रभाव: बृहस्पति का गोचर आपकी राशि के चतुर्थ भाव में होगा. गुरु के गोचर के शुभ प्रभाव से आपके पारिवारिक सुख में वृद्धि होगी. वाहन, भूमि, संपत्ति का आपको लाभ होगा. घर में माता से सुख-सहयोग और लाभ की प्राप्ति होगी.

उपाय: केले के पेड़ की पूजा करें, घर के उत्तर-पूर्व दिशा को साफ रखें.

वृष (Taurus)

तीसरे भाव में गोचर करने पर वृषभ राशि के जातकों का साहस बढ़ेगा. छोटे भाई-बहनों से संबंध सुधरेंगे. इस राशि के मीडिया या कम्युनिकेशन क्षेत्र में का करने वालों को विशेष लाभ होगा.

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उपाय: पीली वस्तुओं का दान करें. भाई-बहन से विवाद से बचें.

मिथुन (Gemini)

आपकी राशि के दूसरे भाव में गुरु का गोचर होने से आपकी वाणी में मिठास बढ़ेगी. परिवार में सुख-समृद्धि होगी. आपको विभिन्न स्रोतों से आर्थिक लाभ होगा. निवेश लाभकारी होगा.

उपाय: विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें. पीली दाल का दान करें.

कर्क (Cancer)

लग्न में उच्च गुरु के प्रभाव से व्यक्तित्व में करिश्माई बदलाव देखने को मिलेगा. विवाह योग्य जातकों के लिए यह उत्तम समय रहेगा. गुरु के गोचर से आपके भीतर आत्मविश्वास बढ़ेगा.

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उपाय: हर गुरुवार को पीले कपड़े पहनें. जल में केसर मिलाकर स्नान करें.

गुरु का गोचर आपके द्वादश भाव में होने से आपके खर्चों में वृद्धि होगी. विदेश यात्रा के योग बनेंगे. बृहस्पति के प्रभाव से आपकी रुचि ध्यान-धारणा में बढ़ेगी.

उपाय: गरीब बच्चों को शिक्षा सामग्री दान करें. केसर का तिलक लगाएं.

बृहस्पति का गोचर आपके लाभ भाव में होगा. इस दौरान आपको मित्रों से सहयोग मिलेगा. आपकी आय में वृद्धि होगी. आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी.

उपाय: हर गुरुवार को गुरु चालीसा का पाठ करें. पीला फल दान करें.

दशम भाव में गुरु का गोचर होने से आपके करियर में उन्नति के योग बनेंगे. बॉस के साथ आपके संबंध पहले से कहीं ज्यादा बेहतर होंगे. प्रमोशन की संभवना बनेगी.

उपाय: पीले फूलों से विष्णु जी की पूजा करें. कोई भी शुभ कार्य बड़ों का आशीर्वाद लेकर करें.

वृश्चिक (Scorpio)

गुरु का गोचर नवम भाव में होने पर वृश्चिक राशि के जातकों का भाग्योदय होगा. इस दौरान आपका मन धर्म-कर्म में लगेगा और धार्मिक यात्राएं होंगी. आपको उच्च शिक्षा में विशेष सफलता मिलेगी.

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उपाय: गाय को गुड़-चना खिलाएं. पीपल के पेड़ पर दीपक जलाएं.

धनु (Sagittarius)

बृहस्पति के अष्टम भाव में गोचर होने से आपका गूढ़ ज्ञान बढ़ेगा. रिसर्च से जुड़े कार्यों में विशेष सफलता मिलेगी. गुप्त धन या पैतृक संपत्ति से लाभ होगा.

उपाय: श्री सूक्त का पाठ करें. संतान की शिक्षा में निवेश करें.

बृहस्पति के सप्तम भाव में गोचर करने से मकर राशि के जातकों के वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी. जीवनसाथी के साथ अच्छा तालमेल देखने को मिलेगा. इस दौरान साझेदारी में किए जाने वाले व्यवसाय लाभप्रद साबित होंगे.

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उपाय: दंपति मिलकर विष्णु-लक्ष्मी की पूजा करें. पीली मिठाई दान करें.

देवगुरु के षष्ठ भाव में गोचर करने से कुंभ राशि के जातकों को रोग, ऋण, शत्रु पर विजय मिलेगी. यदि कोई मामला अदालत में लंबित है तो उसमें आपको सफलता मिलेगी.

उपाय: पीपल के नीचे आटे का दीपक जलाएं. गायत्री मंत्र का जाप करें.

मीन राशि के जातकों के लिए पंचम भाव में करने वाला गुरु का गोचर संतान सुख दिलाएगा. इस दौरान आपके प्रेम संबंध मजबूत होंगे. लव लाइफ शानदार रहेगी. आपको शिक्षा में विशेष सफलता मिलेगी. छात्रों का मन पढ़ाई में रमेगा.

उपाय: गुरु के नाम पर गरीब बच्चों को सहायता दें. पीले पुष्प विष्णु जी को अर्पित करें.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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