Guru Gochar 2026: 12 साल बाद..12 राशियों पर..गुरु का गोचर आखिर कैसा डालेगा असर?

Guru Ka Gochar 2026: ज्योतिष में जिस बृहस्पति को सुख-सौभाग्य का कारक माना जाता है, वह 12 साल बाद चंद्रमा की राशि कर्क में गोचर करने जा रहे हैं. गुरु का यह महागोचर किन राशियों का गुडलक बढ़ाएगा? बृहस्पति के राशि परिवर्तन का आपकी राशि पर कैसा पड़ेगा असर, जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख.

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Jupiter Transit 2026: गुरु के कर्क राशि में गोचर का 12 राशियों पर प्रभाव
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Brihaspati Ka Kark Rashi Me Parivartan: देवगुरु कहलाने वाले बृहस्पति पूरे 12 साल बाद 2 जून 2026, मंगलवार को अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करेंगे. ज्योतिष के अनुसार बृहस्पति जब भी मिथुन राशि से कर्क राशि की ओर बढ़ता है तो दुनिया में कुछ बड़े परिवर्तन एवं तनाव देखने को मिलता है. ऐसे में यह जानना बहुत जरूरी हो जाता है कि गुरु का यह महागोचर 12 राशियों के लिए कितना शुभ और कितना अशुभ साबित होगा. बृहस्पति के राशि परिवर्तन से किन राशियों की किस्मत के बंद दरवाजे खुलने जा रहे हैं और किन लोगों को आने वाले समय में रहना होगा सावधान, आइए इसे जाने-माने ज्योतिषी पं. कृष्ण गोपाल मिश्र से विस्तार से जानते हैं.  

मेष 

राशि से चौथे बृहस्पति का गोचर निश्चित तौर पर मेष राशि वालों के लिए पहले से अच्छा समय लेकर आएगा क्योंकि बीते एक साल से शनि के द्वादश में स्थित होने से आपकी आर्थिक कठिनाइयां और तनाव बढ़ा हुआ था, परंतु बृहस्पति की शनि पर दृष्टि स्थितियों में सुधार लेकर आएगा. विशेष रूप से आपको 31 अक्टूबर 2026 से 25 जनवरी 2027 के बीच में कुछ अप्रत्यक्ष लाभ देखने को मिलेगा. इस दौरान आपको आर्थिक लाभ होगा और आपकी रुचि धर्म-अध्यात्म की तरफ बढ़ेंगी. 25 जनवरी 2027 से लेकर 25 अप्रैल 2027 के बीच में थोड़ा स्वास्थ्य प्रति सावधान रहना होगा. इस दौरान उदर विकार की समस्या हो सकती है. 31 अक्टूबर 2026 से 25 जनवरी 2026 के बीच में कोई अचल संपत्ति खरीदने खरीदने के प्रबल योग बन रहे हैं.  

वृषभ 

गुरु के गोचर के बाद वृषभ राशि की भावनात्मक अपेक्षाएं बढ़ेगी.‌ किसी विपरीत लिंगी संबंध के प्रति आकर्षण बढ़ेगा. प्रेम संबंध को लेकर के मन ज्यादा प्रभावित हो सकता है. परिजनों को लेकर के मन चिंतित होगा. हालांकि आर्थिक दृष्टिकोण से यह कर्क का बृहस्पति आपके लिए काफी लाभकारी है. एकादश भाव पर दृष्टि आमदनी में वृद्धि कराएगा. एकादश भाव में बैठा शनि बृहस्पति से मूल त्रिकोण का संबंध बनाते हुए आपके अंदर सकारात्मक क्षमताओं को उजागर करेगा. 31 अक्टूबर के बाद सिंह का बृहस्पति निश्चित तौर पर माता के स्वास्थ्य को लेकर सचेत रहने का संकेत करता है. 31 अक्टूबर 2026 से 25 जनवरी 2026 के बीच में थोड़ी सी उदर विकार की समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं. अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित करें. क्रोध पर नियंत्रण रखें. संबंधों में मृदुभाषी बने. महत्वपूर्ण कार्यों के प्रति लापरवाही ना करें. 

मिथुन

राशि से दूसरे घर में बृहस्पति का गोचर आपको सजग और परिश्रमी बनाएगा. परंतु किसी भावनात्मक संबंध को लेकर के आप परेशान भी हो सकते हैं. दांपत्य जीवन में थोड़ा वैचारिक तनाव अथवा जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर के थोड़ा परेशान हो सकते हैं. प्रणय संबंधों में ईगो की टकराहट हो सकती है. कार्यक्षेत्र में आपकी मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी. 31 अक्टूबर 2026 से 25 जनवरी 2026 के बीच में तृतीयस्थ बृहस्पति कुछ महत्वपूर्ण संबंधों में तनाव का कारण बन सकता है. निकट संबंधों में भावनात्मक अपेक्षाओं को लेकर के मन परेशान हो सकता है. किसी सहकर्मी अथवा अधिकारी के साथ ईगो टकरा सकता है. मौसम में परिवर्तन के दौरान आपको अपनी सेहत का विशेष ख्याल रखना होगा. 

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कर्क

राशि के ऊपर हुआ बृहस्पति का गोचर आपको संवेदनशील बनाएगा. कुछ चिंताएं आपको परेशान कर सकती हैं. एक साथ बहुत सारी जिम्मेदारियां आने पर उसका दबाव मन पर पड़ेगा. कुछ पुरानी बातों को लेकर मन परेशान हो सकता है. हालांकि आपकी राशि पर गोचर बृहस्पति बहुत ही शुभ फलदाई है. पिछले दिनों आपकी राशि से द्वादश बृहस्पति की स्थिति निश्चित तौर पर तनाव का कारण बना था. लेकिन बृहस्पति का राशि पर परिवर्तन पहले की अपेक्षा आपकी आर्थिक सुधार और पारिवारिक जीवन को बेहतर करने में सहायक होगा. यह आपके जीवन में एक बड़ा परिवर्तन का योग लेकर आया है. 31 अक्टूबर 2026 से 25 जनवरी 2026 के बीच में कोई अप्रत्याशित लाभ मिलने की संभावना है. प्रॉपर्टी खरीदने के भी मजबूत योग बन रहे हैं. भाग्य का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा. किसी बड़े प्रतिष्ठित व्यक्ति का सहयोग विशेष रूप से प्राप्त होगा.

सिंह

आपके लिए बृहस्पति का द्वादश गोचर निश्चित तौर पर तनाव देने का सूचक है. पहले से ही शनि अष्टम में गोचर कर रहे हैं, जिससे आपके ऊपर शनि की ढैया चल रही है. यह आपकी पारिवारिक समस्या, आर्थिक समस्या और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को लेकर के तनाव को बढ़ाने का कारण बना है. ऐसे में गोचर में बृहस्पति का द्वादश होना मन में नकारात्मक चिंतन का वृद्धि करता है. भविष्य को लेकर के मन परेशान होगा. इस उपरोक्त समय में स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना है. आपके लिए सर्वाधिक ध्यान देने की बात है कि 25 जनवरी 2027 से लेकर के 24 जून 2027 के बीच में स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें ज्यादा परेशान करेंगी. मुख्य रूप से 25 मार्च 2027 से अप्रैल 2027 के बीच में स्वास्थ्य की दिक्कतें और आर्थिक तनाव बढ़ सकता है. आपके लिए 31 अक्टूबर 2026 से 25 जनवरी 2026 के बीच का समय अच्छा कहा जाएगा. इस उपरोक्त समय में आपका उत्साह बढ़ा रहेगा और बहुत सारे सकारात्मक निर्णय आप ले पाएंगे. उपरोक्त समय में आर्थिक प्रगति के भी अच्छे रास्ते बनेंगे.

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कन्या

एकादश भाव में बृहस्पति का गोचर काफी लाभप्रद है. आर्थिक प्रगति दिलाएगा. मान-प्रतिष्ठा में भी वृद्धि दिलाएगा. सप्तम का शनि पहले से ही आपके लिए लाभप्रद है, लेकिन मुख्य रूप से बृहस्पति का एकादश में होना सर्वाधिक लाभप्रद स्थिति कही जाएगी. इस समय आप अपनी क्षमताओं का भरपूर लाभ ले सकते हैं. आप अनवरत परिश्रम करिए, आपको ख्याति और आर्थिक प्रगति दोनों ही प्राप्त होगी. 31 अक्टूबर 2026 से लेकर 25 जनवरी 2026 के बीच में आपको थोड़ा सतर्क रहना होगा. इस उपरोक्त समय में आर्थिक कठिनाइयां एवं पारिवारिक वातावरण में कोई तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. मुख्य रूप से जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर आप परेशान हो सकते हैं. थोड़ा सा माता के स्वास्थ्य को लेकर के भी परेशान हो सकते हैं. उपरोक्त समय में खर्चों पर नियंत्रण करें. 25 मार्च 2027 से 24 जून 2027 के बीच में आर्थिक दृष्टिकोण से समय तो अच्छा रहेगा, लेकिन इस समय में थोड़ा सा माता के स्वास्थ्य को लेकर के विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है. इस उपरोक्त समय में किसी प्रॉपर्टी से आपको लाभ प्राप्त हो सकता है. 

तुला

राशि से दशम बृहस्पति का गोचर आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा. आध्यात्मिक एवं संस्कारिक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी. कार्यक्षेत्र में अच्छी सफलता के आसार बनेंगे. संबंधों का सहयोग प्राप्त होगा. दांपत्य सुख में भी सुधार लाएगा. 31 अक्टूबर 2026 से 25 जनवरी 2027 के बीच में थोड़ा सा खराब समय कहा जाएगा. उपरोक्त समय में क्योंकि बृहस्पति आपकी राशि से एकादश भाव में गोचर करेगा तो आपको माता के स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा सा केयरफुल रहना होगा. आर्थिक मामलों को लेकर के थोड़ा सा जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद हो सकता है. उपरोक्त समय में क्रोध पर नियंत्रण करना होगा और स्वयं के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखना होगा. 25 जनवरी 2027 के बाद का समय पुनः सामान्य रूप से अच्छा होगा और धीरे-धीरे आर्थिक प्रगति की ओर बढ़ेंगे.

वृश्चिक

राशि से नवम बृहस्पति आपके लिए भाग्य का पूर्ण सहयोग दिलाने में सहायक होगा. हालांकि पंचम भाव में शनि ने पिछले दिनों आपको काफी ज्यादा मानसिक भय और संबंधों का कष्ट दिया है. साथ ही बृहस्पति ने भी पिछले दिनों आपको काफी परेशान किया है, लेकिन अब बृहस्पति का नवम भाव में प्रवेश आपके लिए बड़ा ही सुखद कहा जाएगा. यह आपकी सारी समस्याओं को समाधान करने में सहायक होगा. इसके बाद आप काफी सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहेंगे. भावनात्मक अपेक्षाओं पर नियंत्रण कर पाने में सक्षम होंगे और अपने कार्यक्षेत्र में दृढ़तापूर्वक प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेंगे. 31 अक्टूबर 2026 से 25 जनवरी 2027 के बीच में आपका और भी अच्छा समय प्रारंभ होगा. उपरोक्त समय में राशि से दशम बृहस्पति की स्थिति आपको किसी उच्च एवं प्रतिष्ठित व्यक्ति के सहयोग दिलाने में सहायक होगा. मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. कार्यक्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का लाभ मिलेगा.

धनु 

राशि से अष्टम बृहस्पति का गोचर स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से अच्छा नहीं कहा जाएगा. महत्वपूर्ण संबंधों में तनाव होने के चांसेस हैं. आप अपने अंदर थोड़ा सा विनम्रता लेकर आएं. आपके बाहरी व्यक्तित्व में थोड़ा सा ईगो और रुखापन झलकता है इसे सुधारने की चेष्टा करें. किसी अचल संपत्ति को बेचने हेतु प्रगतिशील हो सकते हैं. माता अथवा बहन के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखें. 31 अक्टूबर 2026 से 25 जनवरी 2027 के बीच राशि से नवम बृहस्पति कुछ अप्रत्याशित लाभ दे सकता है. साथ ही स्थिति में काफी सुधार ला सकता है. 25 जनवरी 2027 का पुनः बृहस्पति की पूर्ववत स्थिति होगी. मुख्य रूप से 10 मार्च 2027 से 25 अप्रैल 2027 के बीच में अपनी स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें. आपस में कोई संक्रमण को लेकर के स्वास्थ्य में दिक्कतें आ सकती हैं.

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मकर

आपकी राशि से सप्तम बृहस्पति का गोचर अच्छा कहा जाएगा. किसी मांगलिक कार्य हेतु प्राप्त सार्थक होने के प्रबल योग बन रहे हैं. तृतीय भाव में शनि एवं सप्तम भाव में बृहस्पति दोनों का आपस में मूल त्रिकोण राशि में स्थिति अच्छे संबंधों के लिए सहायक बनेगा. व्यवसाय के नए मार्ग खुलेंगे. किसी नए बिजनेस में निवेश करने हेतु आप केंद्रित होंगे. पारिवारिक जिम्मेदारियां के प्रति आपकी व्यस्तता बढ़ेगी. 31 अक्टूबर 2026 से 25 जनवरी 2027 के बीच में राशि अष्टम बृहस्पति थोड़ा तनाव का कारण बनेगा. इस उपरोक्त समय में अभिभावकों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें. मुख्य रूप से माता व बहन के स्वास्थ्य के प्रति केयरफुल रहे. अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण करें. क्रोध पर नियंत्रण करें. भाई अथवा किसी दोस्त से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं.

कुंभ

आपकी राशि से षष्ठ भाव में बृहस्पति का गोचर थोड़ा स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को जन्म देता है. आर्थिक चिताओं को लेकर के मन परेशान होगा. जिम्मेदारियां के अनुकूल समुचित आय का साधन न होने से मन भविष्य को लेकर परेशान होगा. इस दौरान आपको थोड़ी सी बुद्धिमत्ता से काम लेना है. मुख्य रूप से 31 अक्टूबर 2026 से 25 जनवरी 2027 के बीच में जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर ध्यान देना है. उपरोक्त समय में जीवनसाथी से वैचारिक मतभेद होने की आशंका बनी रहेगी. इस दौरान कुंभ राशि के जातक अपनी आमदनी को लेकर जरा ज्यादा ही परेशान हो सकते हैं. उन्हें येन-केन-प्रकारेण अपने क्रोध पर नियंत्रण करना ही होगा, अन्यथा बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है. आपको पारिवारिक मामलों में थोड़ा सा कठोर निर्णय लेने की आवश्यकता है. महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को समय से पूरा करने के लिए आप इस दौरान प्रयत्नशील रहेंगे.

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मीन

राशि से पंचम बृहस्पति काफी अनुकूल दिखाई दे रहा है. आपके अंदर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रुचि बढ़ेगी. ईश्वर के प्रति आपकी गहरी आस्था बढ़ेगी. परिजनों का पूर्ण सहयोग प्राप्त होगा. पारिवारिक वातावरण काफी सुखद होगा. महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया गया प्रयास सार्थक होगा. कार्यक्षेत्र में लोकप्रियता बढ़ेगी. आपको मुख्य रूप से 31 अक्टूबर 2026 से 25 जनवरी 2027 के बीच में स्वास्थ्य प्रति सतर्क रहना होगा. मधुमेह रोगियों के लिए विशेष सावधानी की जरूरत है. अत्यधिक खर्च होने को लेकर आप पर मानसिक दबाव बना रहेगा. उदर विकार को लेकर मन परेशान हो सकता है. हालांकि कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी और आप और भी अधिक मजबूत स्थिति में आ जाएंगे. आपकी सकारात्मक ऊर्जा भी बनी रहेगी और कुछ अच्छे कार्य संपन्न होंगे.

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