Falgun Maas 2026: आज से शुरू हुआ फाल्गुन मास, जानें इसमें क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए

Falgun Maas Ke Niyam: सनातन परंपरा में हिंदू कैलेंडर के आखिरी महीने यानि फाल्गुन मास का बहुत ज्यादा धार्मिक महत्व माना गया है. जिस फाल्गुन मास में देवों के देव कहलाने वाले महादेव की महाशिवरात्रि और रंगों से जुड़ा होली महापर्व मनाया जाता है, उस मास में पुण्यफल की प्राप्ति के लिए क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए, जानने के लिए पढ़ें ये लेख.  

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Falgun Maas 2026: फाल्गुन मास के नियम 
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Falgun Maas 2026 Significance: सनातन परंपरा में फाल्गुन मास का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. जिस फाल्गुन मास में महादेव की पूजा से जुड़ी पावन महाशिवरात्रि का महापर्व मनाया जाता है उस पावन मास की शुरुआत भी आज 02 फरवरी 2026, सोमवार से हो रही है. हिंदू धर्म में फाल्गुन के महीने को महादेव के साथ मुरली मनोहर कहलाने वाले भगवान श्री कृष्ण की पूजा के लिए अत्यधिक शुभ और फलदायी माना गया है. शिव की साधना और जिंदगी को नये रंग देने वाले इस फाल्गुन मास का पुण्यफल पाने के लिए जप-तप, साधना-आराधना आदि को लेकर आखिर क्या नियम हैं, आइए विस्तार से जानते हैं.

कब से कब तक रहेगा फाल्गुन मास 2025?

पंचांग के अनुसार माघ मास की पूर्णिमा के अगले दिन से जिस फाल्गुन मास की शुरुआत होती है और जिस फाल्गुन मास के बाद हिंदू नववर्ष प्रारंभ होता है, वह आज 02 फरवरी 2026 से शुरू हो रहा है और यह 03 मार्च 2026 को समाप्त होगा. इसमें होली के 8 दिन पहले से लगने वाला होलाष्टक 24 फरवरी 2026 से प्रारंभ होगा, जबकि होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा वाले दिन 03 मार्च 2026 को किया जाएगा. 

फाल्गुन माह में क्या करें?

फाल्गुन मास में भगवान श्री कृष्ण की साधना अत्यंत ही फलदायी मानी गई है. ऐसे में इस पूरे माह भगवान श्री कृष्ण की विधि-विधान से पूजा करते हुए उनके मंत्रों का अधिक से अधिक जप करना चाहिए. भगवान श्री कृष्ण की कृपा को पाने के लिए उन्हें प्रतिदिन गोपी चंदन लगाएं. 
फाल्गुन मास में पड़ने वाली महाशिवरात्रि पर शिव की पूजा, रुद्राभिषेक और मानस पूजा का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. इस दिन साधक को महादेव की प्रिय चीजों को जैसे बेलपत्र, शमीपत्र, भांग, धतूरा आदि को अर्पित करते हुए पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ शिव साधना करनी चाहिए. 
फाल्गुन मास खुशियां मनाने और खुशियां बांटने का मास है, इसलिए ऋतु परिवर्तन के इस पावन मास में लोगों को खुशियां देने का काम करें और किसी को कष्ट न दें. 

फाल्गुन माह में क्या न करें?

  • फाल्गुन मास में पुण्य को पाने और अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा को बनाए रखने के लिए व्यक्ति को तामसिक चीजों का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए. 
  • फाल्गुन मास में दूसरों के प्रति भूलकर भी किसी प्रकार की घृणा या द्वेष आदि नहीं रखना चाहिए. 
  • फाल्गुन मास में होली से आठ दिन पहले होलाष्टक से जुड़े नियमों का पालन करते हुए इस दौरान मांगलिक कार्यों को नहीं करना चाहिए. 
  • फाल्गुन मास में व्यक्ति को बासी भोजन नहीं करना चाहिए. 

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फाल्गुन माह में किस चीज का दान करना चाहिए? 

हिंदू मान्यता के अनुसार फाल्गुन मास में पुण्यफल की प्राप्ति के लिए व्यक्ति को अपने सामर्थ्य और श्रद्धा के अनुसार अन्न, वस्त्र और धन का दान करना चाहिए. इस मास में शुद्ध घी, तिल, सरसों का तेल और ऊनी वस्त्र दान करने का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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