Parama Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है. सालभर में कुल 24 एकादशी पड़ती हैं. इन्हीं में से एक है परमा एकादशी. यह एकादशी केवल पुरुषोत्तम मास यानी अधिक मास में ही आती है, इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना और व्रत करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और भक्तों को विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है. हालांकि, इस बार परमा एकादशी की तिथि को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है. ऐसे में आइए जानते हैं परमा एकादशी की सही तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त-
कब रखा जाएगा परमा एकादशी व्रत?
पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि का आरंभ 10 जून 2026 की रात 12 बजकर 58 मिनट पर होगा. वहीं, यह तिथि 11 जून 2026 की रात 10 बजकर 37 मिनट तक रहेगी. उदया तिथि के आधार पर परमा एकादशी का व्रत 11 जून 2026, गुरुवार को रखा जाएगा.
परमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए विशेष शुभ समय सुबह 10 बजकर 37 मिनट से दोपहर 2 बजकर 6 मिनट तक माना जा रहा है. इस दौरान भक्त श्रीहरि की पूजा, मंत्र जाप और भक्ति भाव से आराधना कर सकते हैं.
कैसे करें पूजा?- परमा एकादशी के दिन सुबह स्नान के बाद साफ वस्त्र धारण करें.
- इसके बाद मन में व्रत का संकल्प लें.
- घर के मंदिर की सफाई कर गंगाजल से शुद्ध कर लें.
- मंदिर में लाल या पीले वस्त्र पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें.
- भगवान को तुलसी दल, फूल, धूप और दीप अर्पित करें.
- भगवान को भोग लगाने के बाद विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें.
- इसके बाद एकादशी की कथा पढ़कर आरती करें.
- दिनभर भगवान के नाम का स्मरण करें और यथाशक्ति व्रत का पालन करें.
धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया परमा एकादशी का व्रत जीवन में सकारात्मकता, सुख और भगवान विष्णु की कृपा लेकर आता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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