22 को गंगोत्री और 23 अक्टूबर को यमुनोत्री धाम के बंद होंगे कपाट, जानें फिर कहां होंगे इनके दर्शन

Chardham yatra 2025: उत्तराखंड के चारधाम में से दो धाम गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट बंद करने की तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं. शीतकाल के लिए गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट बंद होने के बाद अब श्रद्धालु इन दोनों देवियों के कब और कहां दर्शन कर सकेंगे, जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख. 

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Chardham Yatra 2024: गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए होंगे बंद.
File Photo

Chardham yatra 2025: दीपों का महापर्व दीपावली मनाए जाने के बाद चारधाम यात्रा के प्रथम दो तीर्थ यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने की तैयारियां शुरू हो गई है. मोक्षदायिनी गंगा और पुण्यदायिनी यमुना माता की विशेष पूजा के बाद इन दोनों ही धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिये जाएंगे. इसकी शुरुआत गंगोत्री से होगी, जिसके कपाट 22 अक्टूबर 2025, बुधवार यानि अन्नकूट वाले दिन 11 बजकर 36 मिनट पर बंद किये जाएंगे. इसके बाद 23 अक्टूबर 2025, गुरुवार यानि भाई दूज के दिन यमुनोत्री के कपार्ट 12 बजकर 30 मिनट पर शतकालीन यात्रा के लिए बंद होंगे. 

शीतकाल में कहां होंगे गंगा और यमुना माता के दर्शन 

गंगोत्री मंदिर समिति के पुरोहित राकेश सेमवाल के अनुसार गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट बंद हो जाने के बाद श्रद्धालुओं को मां यमुना की उत्सव मूर्ति के दर्शन खरसाली में और गंगा के उत्सव मूर्ति के दर्शन मुखबा गांव में होंगे. मां गंगा और मां यमुना की विशेष पूजा के लिए इन दोनों धामों को फूलमालाओं से सजाया गया है. 

गंगोत्री में धूमधाम से मनाया गया दिवाली पर्व 

गंगोत्री धाम में मां गंगा के धाम गंगोत्री में दीपावली का पर्व पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया. मंदिर परिसर और धाम क्षेत्र को दीपों की रोशनी से सजाया गया, जहां श्रद्धालुओं और पुजारियों ने मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना की. दीपावली के पावन अवसर पर पूरे धाम में भक्ति और उल्लास का वातावरण रहा. मंदिर में आकर्षक रोशनी और पुष्प सज्जा की गई. स्थानीय लोग और तीर्थयात्री इस पवित्र अवसर के साक्षी बने. 

कारोबारियों को अब शीतकालीन यात्रा से उम्मीद

गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट बंद होने की तारीख करीब आने के बाद अब तीर्थ पुरोहितों एवं कारोबारियों ने इन धामों से अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है. धराली आपदा के चलते यह यात्रा धीमी पड़ी थी. अब कारोबारियों की शीतकालीन यात्रा से उम्मीदें बंधी हैं. गौरतलब है कि यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के साथ ही जिले में तीर्थाटन एवं पर्यटन पूरी तरह ठप हो जाता है.

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यात्रा से जुड़े कारोबारी आशीष सेमवाल, विनय उनियाल ने बताया कि सर्दियों में भी यमुना एवं गंगा के शीतकालीन पड़ाव वाले खरसाली और मुखबा गांव तक यात्रा चालू रखकर देश विदेश के तीर्थयात्रियों को यहां आक​र्षित किया जा सकता है. उस दौरान तीर्थयात्री एवं पर्यटक यमुना और गंगा की पूजा अर्चना करने के साथ ही बर्फबारी का नजारा भी देख सकेंगे.

रिपोर्टर-जगमोहन सिंह

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