Chandra Grahan 2026: 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. ज्योतिष मान्यता के अनुसार, यह ग्रहण सिंह राशि में पड़ेगा. खास बात यह है कि सिंह राशि पर पहले से ही शनि की ढैय्या चल रही है. ऐसे में ग्रहण और ढैय्या का संयुक्त प्रभाव इस राशि के लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है. ज्योतिषियों का कहना है, कि सिंह राशि वालों को आने वाले एक महीने तक हर कदम सोच-समझकर उठाना चाहिए.
नौकरी और व्यापार में बढ़ सकता है दबाव
ग्रहण के प्रभाव से कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं. मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी, लेकिन परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं मिल सकते. इससे मन में निराशा आ सकती है. उच्च अधिकारियों या बॉस के साथ मतभेद होने की संभावना है. सहकर्मियों का सहयोग भी कम मिल सकता है. जो लोग साझेदारी में व्यापार कर रहे हैं, उन्हें खास सतर्क रहने की जरूरत है. जल्दबाजी में कोई बड़ा निवेश या नया समझौता करने से बचें. इस समय धैर्य और संयम से काम लेना ही बेहतर रहेगा.
आर्थिक मामलों में सतर्कता जरूरी
शनि की ढैय्या और चंद्र ग्रहण मिलकर आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव ला सकते हैं. अचानक खर्च बढ़ सकते हैं या अटका हुआ पैसा देर से मिल सकता है. इस समय जोखिम भरे निवेश से बचना चाहिए. बजट बनाकर चलें और अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाएं. नई निवेश योजनाओं को कुछ समय के लिए टाल देना समझदारी होगी.
पारिवारिक जीवन में बढ़ सकती है गलतफहमी
चंद्रमा मन का कारक माना जाता है और जब उस पर ग्रहण लगता है तो भावनात्मक अस्थिरता बढ़ सकती है. जीवनसाथी के साथ तकरार या मतभेद की स्थिति बन सकती है. परिवार के सदस्यों के साथ भी छोटी-छोटी बातों पर मनमुटाव हो सकता है. दोस्तों से दूरी बढ़ने की आशंका है. ऐसे समय में शांत रहना और खुलकर बात करना बहुत जरूरी है.
स्वास्थ्य का रखें खास ध्यान
ग्रहण और ढैय्या का असर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी दिख सकता है. नींद की कमी, सिरदर्द, थकान या बेचैनी जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. पुरानी बीमारियां दोबारा उभर सकती हैं. इसलिए संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और पर्याप्त आराम बेहद जरूरी है. योग और ध्यान से मानसिक शांति बनाए रखने में मदद मिल सकती है.
क्या करें?
- बड़े फैसले टालें
- विवाद से बचें
- नियमित पूजा-पाठ या ध्यान करें
- स्वास्थ्य जांच को नजरअंदाज न करें
- सकारात्मक सोच बनाए रखें
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह समय परीक्षा का हो सकता है, लेकिन धैर्य और समझदारी से परिस्थितियों को संभाला जा सकता है.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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