Maa Chhinnamastika Temple: झारखंड के रामगढ़ जिले में स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र मां छिन्नमस्तिका मंदिर में चैत्र नवरात्र के सातवें दिन भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला. मां दुर्गा के उग्र स्वरूप मां कालरात्रि की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ ही मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. मंगला आरती के साथ आरंभ हुआ पूजा-पाठ का सिलसिला देर रात तक चलता रहा, जिसमें हजारों की संख्या में भक्तों ने भाग लेकर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया.
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विदेशी फूलों से महका मां का दरबार (International Flower Decoration at Temple)
नवरात्र के इस विशेष अवसर पर मंदिर को आकर्षक और दिव्य रूप देने के लिए व्यापक स्तर पर सजावट की गई है. कोलकाता से आए लगभग 17 अनुभवी कारीगरों की टीम ने कई दिनों की मेहनत के बाद मंदिर को फूलों की अद्भुत साज-सज्जा से सुसज्जित किया है. इस बार खास तौर पर देशी फूलों के साथ-साथ विदेशी फूलों का भी उपयोग किया गया है, जिससे मंदिर परिसर की सुंदरता कई गुना बढ़ गई है. मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर गर्भगृह तक रंग-बिरंगे फूलों की सजावट ने हर आने वाले श्रद्धालु को मंत्रमुग्ध कर दिया है. पूरा परिसर सुगंध और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आ रहा है.
मंगला आरती और आस्था का अनूठा संगम (Mangla Aarti and Spiritual Energy at Chhinnamastika Dham)
मंदिर की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जैसे ही श्रद्धालु मंदिर परिसर में प्रवेश करते हैं, उन्हें एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभूति होती है. फूलों की सजावट के बीच रोशनी की विशेष व्यवस्था ने माहौल को और भी दिव्य बना दिया है. संध्या आरती के समय जब ढोल नगाड़ों थाप और मंत्रोच्चार गूंजता है, तो पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है. इस दौरान माता का विशेष श्रृंगार किया गया, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र है.
चैत्र नवरात्र में कालरात्रि पूजन (Chaitra Navratri Ashtami 2026)
मंदिर के वरिष्ठ पुजारी सुबोध पंडा ने बताया कि, नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा का विशेष महत्व होता है. सुबह मंगला आरती के बाद से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था और दिनभर भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं. उन्होंने बताया कि इस दिन माता को विशेष भोग अर्पित किया गया, जिसमें पारंपरिक प्रसाद के साथ-साथ विशेष व्यंजन भी शामिल थे. श्रद्धालु पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर रहे हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए माता से प्रार्थना कर रहे हैं
मां छिन्नमस्तिका श्रृंगार (Chaitra Navratri)
नवरात्र के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा-व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं. मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई है और प्रवेश एवं निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं. खास तौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें बिना किसी कठिनाई के दर्शन कराए जा सकें.
मंदिर परिसर में साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है. जगह-जगह पेयजल की व्यवस्था की गई है और चिकित्सा टीम को भी अलर्ट मोड में रखा गया है. इसके अलावा, श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए स्वयंसेवकों की टीम भी सक्रिय रूप से सहयोग कर रही है. इस भव्य आयोजन के दौरान श्रद्धालु न केवल पूजा-अर्चना कर रहे हैं, बल्कि मंदिर की खूबसूरत सजावट के बीच अपने यादगार पलों को कैमरे में कैद करते भी नजर आ रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी मंदिर की सजावट और भक्तों की भीड़ की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे इस सिद्ध पीठ की लोकप्रियता और बढ़ती नजर आ रही है.
चैत्र नवरात्र के इस पावन अवसर पर सजा छिन्नमस्तिका धाम न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि यह सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का भी प्रतीक बनकर उभरा है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण होती है. यही कारण है कि झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु यहां पहुंचकर माता के दर्शन कर रहे हैं और अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं.














