Chaitra Navratri 2026 Day 7: मां कालरात्रि को सिर्फ गुड़ चढ़ाने से बदल सकती है किस्मत! जानें सप्तमी का रहस्य

Chaitra Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा का विशेष महत्व है. जानिए पूजा विधि, गुड़ चढ़ाने का महत्व और किन बातों का रखना चाहिए ध्यान.

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रात में करें मां कालरात्रि की पूजा, मिलेंगे चौंकाने वाले फायदे

Chaitra Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है. यह दिन बेहद खास माना जाता है, क्योंकि मां कालरात्रि को बुरी शक्तियों और नकारात्मकता को खत्म करने वाली देवी माना जाता है. इस दिन की पूजा में कुछ खास नियम और भोग का विशेष महत्व होता है.

मां कालरात्रि का महत्व

मां कालरात्रि नवरात्रि की सातवीं देवी हैं और इन्हें सबसे शक्तिशाली रूपों में से एक माना जाता है. मान्यता है कि उनकी पूजा करने से भय, नकारात्मक ऊर्जा और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं. वह अपने भक्तों की रक्षा करती हैं और उन्हें साहस देती हैं.   

रात में पूजा का खास महत्व

सप्तमी के दिन मां कालरात्रि की पूजा खासतौर पर रात में की जाती है.
- रात का समय उनकी शक्ति से जुड़ा माना जाता है.
- इस समय पूजा करने से विशेष फल मिलता है.
- भक्त अपने सभी दुख और परेशानियां मां को समर्पित करते हैं.

गुड़ चढ़ाने का क्यों है महत्व?

इस दिन मां को भोग में गुड़ चढ़ाना सबसे शुभ माना जाता है.
- गुड़ शुद्ध और प्राकृतिक माना जाता है
- मां कालरात्रि को सादगी और प्राकृतिक चीजें पसंद हैं
- गुड़ में काली मिर्च मिलाकर चढ़ाने से और अधिक कृपा मिलती है

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ध्यान रखने वाली बात यह है कि पूजा में रिफाइंड शुगर (चीनी) का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. 

पूजा विधि (सरल विधि)

सप्तमी के दिन आप इस तरह पूजा कर सकते हैं...
- सुबह स्नान कर साफ कपड़े पहनें
- मां कालरात्रि की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं
- फूल, धूप और अक्षत अर्पित करें
- गुड़ का भोग लगाएं
- मां के मंत्रों का जाप करें
- अंत में आरती करें

गुड़ का प्रसाद बांटना भी शुभ माना जाता है.

इस दिन का शुभ रंग

नवरात्रि के सातवें दिन का शुभ रंग रॉयल ब्लू माना जाता है, जो शक्ति और सुरक्षा का प्रतीक है. अगर सच्चे मन से मां कालरात्रि की पूजा की जाए, तो जीवन की परेशानियां दूर हो सकती हैं और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है.

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मंत्र और विशेष उपाय

मां कालरात्रि की पूजा के दौरान 'ऊं क्रीं चामुंडायै विच्चे' मंत्र का जप करना शुभ माना जाता है. 108 बार मंत्र जप करते हुए हर बार एक लौंग चढ़ाएं. अंत में इन लौंग को इकट्ठा कर अग्नि में समर्पित करें. इस उपाय को करने से शत्रु और विरोधियों का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगता है और जीवन में शांति आती है, भय दूर होता है और सफलता मिलती है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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