Budh Vrat Vidhi:करियर में कामयाबी और कारोबार में लाभ पाने के लिए कैसे रखें बुधवार का व्रत, जानें पूरी विधि

Budh Ka Vrat Kaise Karen: ज्योतिष में बुध (Mercury) को बुद्धि, वाणी, व्यापार, करियर आदि का कारक माना जाता है. यदि आपकी कुंडली में बुध कमजोर होकर करियर और कारोबार को प्रभावित कर रहा है तो आपको उसकी शुभता को पाने के लिए बुधवार का व्रत जरूर रखना चाहिए. बुधवार व्रत की विधि और इससे जुड़े सरल-सनातनी उपाय को जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
Wednesday Fast Method: बुधवार व्रत की संपूर्ण विधि
NDTV

Budhwar Vrat Ki Vidhi: हिंदू मान्यता के अनुसर बुधवार का दिन रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान श्री गणेश का आशीर्वाद और बुध ग्रह की शुभता को पाने के लिए व्रत रखा जाता है. ज्योतिष के अनुसार बुध को नवग्रहों का राजकुमार कहा जाता है, जो व्यक्ति की कुंडली में वाणी, बुद्धि, करियर, कारोबार आदि का कारक होता है. ज्योतिष के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बुध विपरीत फल दे रहा हो तो उसे इस रूठे ग्रह को मनाने के लिए व्रत को उत्तम उपाय माना गया है. विद्या, व्यापार और वाणी से जुड़े काम करने वालों के लिए यह व्रत अत्यंत ही शुभ साबित होता है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर बुध ग्रह के लिए कब शुरू करना चाहिए? बुधवार के व्रत की विधि और नियम क्या हैं? आइए बुधवार के महाउपाय माने जाने वाले बुधवार व्रत की संपूर्ण विधि को विस्तार से जानते हैं. 

बुधवार का व्रत कब शुरू करना चाहिए?

हिंदू मान्यता के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बुध से जुड़ा दोष हो तो उसे दूर करने और उसकी शुभता को पाने के लिए किसी भी मास के शुक्लपक्ष के पहले बुधवार से इस व्रत को प्रारंभ करना चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार बुधवार के व्रत का शुभ फल पाने के लिए कम से कम 7 व्रत जरूर रखना चाहिए. हालांकि बहुत से लोग 21 बुधवार व्रत करने का संकल्प लेते हैं. बुधवार व्रत की संख्या पूरा होने पर साधक को विधि-विधान से इस व्रत का उद्यापन करना चाहिए. 

कैसे करें बुधवार व्रत की पूजा?

बुधवार व्रत को करने के लिए प्रात:काल सूर्योदय से पहले उठें और स्नान-ध्यान करने के बाद भगवान ​बुध का ध्यान करते हुए इस व्रत को विधि-विधान से करने का संकल्प करें. इसके बाद किसी मंदिर में जाकर या फिर अपने पूजा घर बुध देवता के चित्र या मूर्ति की विधि-विधान से पूजा करें. बुध देवता की पूजा में सबसे पहले उन्हें पवित्र जल अर्पित करें. इसके बाद उन्हें पुष्प, चंदन, धूप-दीप, बेल-पत्र, अक्षत, फल आदि अर्पित करें. इसके बाद नीचे दिये गये भगवान बुध के मंत्र को पढ़कर उनका ध्यान करें -

प्रियंगुकलिकाश्यामं रूपेणाप्रतिमं बुधम्. 
सौम्यं सौम्यगुणोपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहम्.

Mercury Astro Remedies: बुध ग्रह के कारण बिगड़ रहे हों हालात तो रत्न से लेकर रिश्तों तक करें ये ज्योतिष उपाय

इसके बाद बुधवार व्रत की कथा पढ़ें या फिर सुनें और बुध देवता के मंत्र 'ॐ ब्रां ब्रीं ब्रों सः बुधाय नमः' का श्रद्धा और विश्वास के साथ जप करें. पूजा के अंत में बुध देवता की आरती जरूर करें. 

बुधवार व्रत में क्या खाना चाहिए?

हिंदू मान्यता के अनुसार बुधवार व्रत रखने वाले साधक को फलहार करने के साथ सात्विक चीजों का सेवन करना चाहिए. बुधवार व्रत वाले दिन हरी चीजों का सेवन करना शुभ माना गया है. इस व्रत में एक समय यानि शाम को खाना खाने का नियम है. ऐसे में शाम के समय हरी मूंग की दाल वाली खिचड़ी, मूंग दाल का हलवा, हरी सब्जियां, दूध, फल, साबूदाना आदि का सेवन कर लेना चाहिए. 

बुधवार व्रत के नियम 

  • बुधवार के व्रत की पूजा करते समय बुध देवता को सफेद रंग के पुष्प चढ़ाएं. 
  • बुध देवता की पूजा में हरे रंग के वस्त्र और हरे फल का प्रयोग करें. 
  • बुधवार के व्रत का पुण्यफल को पाने के लिए अपने सामर्थ्य के अनुसार साबुत मूंग, हरे रंग के वस्त्र आदि का दान करना चाहिए. 
  • बुधवार व्रत में सिर्फ एक समय भोजन करना चाहिए. 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

Featured Video Of The Day
BREAKING NEWS: Delhi Airport पर SpiceJet के विमान की Emergency Landing, 150 यात्री थे सवार | NDTV
Topics mentioned in this article