Bada Mangal 10 Rituals And Remedies: कलयुग में हनुमान जी की पूजा सबसे ज्यादा फलदायी मानी गई है. हिंदू मान्यता के अनुसार हनुमान जी चिरंजीवी हैं और वे हर युग में पृथ्वी पर मौजूद रहते हुए अपने भक्तों का कल्याण करते हैं. हिंदू मान्यता के अनुसार मारुतिनंदन कहलाने वाले हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार का दिन बेहद शुभ माना गया है, लेकिन यह दिन तब और भी ज्यादा पुण्यदायी और फलदायी हो जाता है, जब ये जेठ महीने में पड़ता है और बड़ा मंगल के नाम से जाना जाता है. इस साल बड़ा मंगल के साथ अधिक मास का संयोग बनने से इसका महत्व कहीं ज्यादा बढ़ गया है. आइए बड़ा मंगल की पूजा का धार्मिक महत्व और इससे जुड़े उपाय के बारे में विस्तार से जानते हैं.
1. बड़ा मंगल पर कैसे करें पूजा?
ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले बड़ा मंगल पर हनुमान जी की तमाम तरह से साधना करने का विधान है, जिसे व्यक्ति अपने समय और सामर्थ्य के अनुसार कर सकता है. हिंदू मान्यता के अनुसार केसरीनंदन हनुमान जी की पंचोपचार, दशोपचार, और षोडशोपचार पूजा की जाती है.
2. हनुमान जी के लिए कैसे करें दीपदान?
हिंदू मान्यता के अनुसार बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा में दीपदान का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. आज आप अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार बजरंगबली को एक, पांच या ग्यारह बाती वाला दीया जलाकर पूजा करें. हिंदू मान्यता के अनुसार बड़ा मंगल के दिन आटे का 5 दीया बनाकर चमेली का तेल जलाकर अर्पित करने पर हनुमान जी शीघ्र प्रसन्न होकर जीवन में आ रही सभी बाधाओं को दूर करते हैं. कर्ज से मुक्ति पाने के लिए भी दीपदान का यह उपाय उत्तम माना गया है.
3. हनुमान जी के लिए क्या चढ़ाएं नैवेद्य?
बड़ा मगल पर हनुमान जी की पूजा में नैवेद्य का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. हिंदू मान्यता के अनुसार हनुमत साधना के दौरान गुड़, घी और गेहूं की रोटी का चूरमा, मोतीचूर का लड्डू, नारियल और मौसमी फल अर्पित करना चाहिए. सभी प्रकार के भोग में चूरमा का भोग उत्तम है, जिसका उपयोग आप मंगलवार व्रत में एक समय प्रसाद के लिए भी कर सकते हैं.
4. हनुमान जी की पूजा में क्या जपें मंत्र?
सनातन परंपरा में किसी भी देवी या देवता की पूजा में मंत्र जप का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. ऐसे में आज बड़ा मंगल के दिन महाबली हनुमान का आशीर्वाद पाने के लिए साधक को उनके सबसे सरल और शीघ्र ही सिद्ध होने वाले मंत्र 'ॐ हं हनुमते नमः' का अधिक से अधिक जप करना चाहिए.
5. हनमान जी को कैसी पताका चढ़ाएं?
बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी की कृपा पाने के लिए साधक को किसी भी हनुमत धाम पर जाकर केसरिया रंग की ध्वजा चढ़ाना चाहिए. हिंदू मान्यता के अनुसार बजरंगी को ध्वजा अर्पित करने पर व्यक्ति के जीवन से जुड़े सारे संकट और दोष दूर होते हैं और उस पर हर समय हनुमत कृपा बनी रहती है.
6. हनुमान जी को जरूर चढ़ाएं तुलसी दल
सनातन परंपरा में अर्पित की जाने वाली तमाम चीजों में तुलसी का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. ऐसे में आज बड़ा मंगल पर महावीर विक्रम बजरंगी की कृपा पाने के लिए साधक को उनकी पूजा में तुलसी की माला और तुलसी पत्र अर्पित करना चाहिए. मान्यता है कि बड़ा मंगल पर तुलसी के इस उपाय से साधक को हनुमान जी के आशीर्वाद से धन, धान्य की प्राप्ति होती है.
7. बड़ा मंगल कामना के अनुसार पूजें हनुमान
हिंदू मान्यता के अनुसार हनुमान जी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करने पर अलग-अलग फल की प्राप्ति होती है. हिंदू मान्यता के अनुसार बाल हनुमान की पूजा करने पर जहां बच्चों का चंचल मन स्थिर रहता है और उसे बुद्धि और विवेक की प्राप्ति होती है, वहीं वीर हनुमान की प्रतिमा की पूजा जीवन के सभी प्रकार के भय को दूर करते हुए आत्मबल और साहस प्रदान करती है. बड़े संकटों को दूर करने के लिए दक्षिणमुखी और पंचमुखी हनुमान जी की पूजा अत्यंत ही फलदायी मानी गई है.
8. बड़ा मंगल पर करें हनुमान जी की महिमा का गान
हिंदू मान्यता के अनुसार बड़ा मंगल पर हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए उनकी महिमा का गान करने वाली चालीसा या फिर श्री सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए. मान्यता है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ इनका पाठ करने से शीघ्र ही हनुमत कृपा बरसती है.
9. बड़ा मंगल पर जपें राम नाम का मंत्र
हिंदू मान्यता के अनुसार कलयुग में हनुमान जी हर उस जगह पर मौजूद रहते हैं जहां पर उनके स्वामी प्रभु श्री राम के नाम का कीर्तन होता है. ऐसे में आज बड़ा मंगल पर हनुमान जी के साथ राम दरबार की विशेष पूजा और भगवान राम के नाम का संकीर्तन अवश्य करें.
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10. बड़ा मंगल पर तारती है हनुमान जी की आरती
हिंदू मान्यता के अनुसार किसी भी देवी या देवता की साधना में आरती सभी कमियों को दूर करते हुए उस पूजा को पूर्ण बनाकर शुभ फल दिलाती है. ऐसे में आज बड़ा मंगल वाले दिन हनुमत कृपा पाने के लिए साधक को पूजा के अंत में पूरे श्रद्धा ओर विश्वास के दीप जलाकर आरती का गान अवश्य करना चाहिए.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)











