Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल पर किस हनुमान की पूजा करें? बड़े या फिर छोटे, एकमुखी या पंचमुखी?

Hanuman Ji ki Murti Puja ka phal: सनातन परंपरा में हनुमान जी एक ऐसे देवता हैं, जिनकी साधना हमेशा मंगल ही मंगल करने वाली मानी गई है. हिंदू मान्यता के अनुसार हनुमान जी का हर स्वरूप हर दुख को हरने वाला है. ज्येष्ठ मास के बड़े मंगल पर हनुमान जी किस स्वरूप की पूजा करने पर कौन सी कामना पूरी होती है, जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख. 

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
Bada Mangal 2026: हनुमान जी की किस मूर्ति की पूजा करनी चाहिए?
NDTV

Benefits of different types Hanuman statue: हिंदू धर्म में हनुमान जी एक ऐसे देवता है, जिन्हें शक्ति का पुंज माना जाता है. पवनपुत्र हनुमान की साधना करने वाले साधक को जीवन में कभी भी कोई भय, रोग या शोक नहीं सताता है. शायद यही कारण है कि देश के कोने-कोने में आपको हनुमान जी के छोटे-बड़े मंदिर मिल जाएंगे, जहां पर बजरंगी कहीं बाल रूप में तो कहीं विराट स्वरूप धारण किए हुए विराजमान हैं. आज हनुमत कृपा बरसाने वाला ज्येष्ठ मास का तीसरा बड़ा मंगल का पावन पर्व है. ऐसे में सवाल उठता है कि आज उनके किस स्वरूप की पूजा करने पर कौन सी कामना पूरी होती है? बाल हनुमान से लेकर पंचमुखी हनुमान तक के दिव्य स्वरूप का धार्मिक एवं ज्योतिषीय महत्व जानने के लिए पढ़ें ये लेख. 

बाल हनुमान

हिंदू मान्यता के अनुसार बाल हनुमान जी की पूजा अत्यंत ही शुभ और मंगलदायी मानी गई है. मान्यता है कि बजरंगी के बाल स्वरूप की साधना करने पर साधक की संतान सुख की कामना शीघ्र ही पूरी होती है. वहीं जिन लोगों की संतान होती है, उनकी हनुमत सभी प्रकार से रक्षा करते हुए उन्हें सुख-समृद्धि और सौभाग्य प्रदान करते हैं. बजरंगी के बाल स्वरूप की पूजा करने पर बच्चों को किसी भी प्रकार की बुरी नजर लगने का खतरा नहीं रहता है. हनुमत कृपा से संतान हमेशा सुखी और स्वस्थ रहती है. हिंदू मान्यता के अनुसार बाल हनुमान जी की पूजा से बच्चों को बल, बुद्धि और विवेक का आशीर्वाद प्राप्त होता है. 

दास हनुमान

जिन मंदिरों में हनुमान जी अपने स्वामी यानि प्रभु श्री राम के चरणों में हाथ जोड़कर बैठे या खड़े नजर आते हैं, उस मंदिर में हनुमत साधना करना अत्यंत ही शुभ और फलदायी मानी गई है. मान्यता है कि जिस घर में राम दरबार के समक्ष हाथ जोड़कर बैठे हुए हनुमान जी की साधना होती है, उस घर के लोगों के भीतर का अहंकार दूर होता है और आपसी प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है. हनुमत कृपा से परिवार के सदस्यों के बीच बेहतर तालमेल बना रहता है. 

वीर हनुमान

जिन मंदिरों में हनुमान जी अपने हाथ में पर्वत उठाए हुए होते हैं या फिर गदा आदि धारण किए होते हैं, उस मंदिर में बजरंगी की साधना करने से व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास बढ़ता है. हनुमत कृपा से साधक के सारे संशय दूर होते हैं और वह निर्भय होकर अपने जीवन के सभी बड़े निर्णय लेने में सक्षम होता है. वीर हनुमान की पूजा करने पर साधक को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विजय और सफलता प्राप्त होती है. 

Advertisement

पंचमुखी हनुमान

हिंदू मान्यता के अनुसार पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति की साधना सभी कष्टों को हरने वाली मानी गई है. बजरंगी का यह स्वरूप सबसे ज्यादा शक्तिशाली और प्रभावी माना गया है. हनुमान जी के इस दिव्य स्वरूप में उनके पांच मुख - वानर, सिंह, गरुड़, वराह और अश्व का होते है. हिंदू मान्यता के अनुसार पंचमुखी हनुमान की पूजा करने पर हनुमत सभी दिशाओं से आने वाली बाधाओं को दूर करके साधक की रक्षा करते हैं. पंचमुखी हनुमान की पूजा करने वाले साधक को कभी भी तंत्र और मंत्र का भय नहीं रहता है. पंचमुखी हनुमान की पूजा करने पर वह अपने सभी शत्रुओं पर विजय प्राप्त करता है. पंचमुखी हनुमान की पूजा करने पर साधक को कोट-कचहरी के मामलों में विजय प्राप्त होती है. 

ध्यान मग्न हनुमान

हनुमान की ध्यान मुद्रा वाली प्रतिमा या चित्र को उनके शांति का स्वरूप माना जाता है. ऐसे चित्र में वे अपने प्रभु श्री राम का ध्यान करते हुए अपनी आंखें बंद करके बैठे हुए होते हैं. हिंदू मान्यता के अनुसार ध्यान मग्न हनुमान की साधना करने पर साधक को असीम मानसिक सुख और शांति प्राप्त होती है. हनुमान जी की ध्यान मग्न वाली प्रतिमा की पूजा करने पर जीवन से जुड़ा सारा अवसाद दूर होता है और व्यक्ति की एकाग्रता और मानसिक शक्ति बढ़ती है. 

Advertisement

दक्षिणमुखी हनुमान

हिंदू मान्यता के अनुसार जिन मंदिरों में हनुमान जी का मुख दक्षिणा दिशा की ओर होता है, उसे दक्षिणमुखी हनुमान कहा जाता है. हिंदू धर्म में ऐसी प्रतिमा की पूजा करना अत्यंत ही शुभ माना गया है.

Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल को क्यों कहा जाता है बुढ़वा मंगल, जानें इसका महाभारत की कथा से क्या है कनेक्शन?

हिंदू मान्यता के अनुसार हनुमान जी ने अपनी शक्तियों का सबसे ज्यादा प्रदर्शन दक्षिण दिशा में किया था, इसलिए दक्षिणमुखी हनुमान जी की पूजा करने पर साधक की कामनाएं शीघ्र ही पूरी होती है. दक्षिणमुखी हनुमान जी की पूजा करने पर साधक को किसी भी प्रकार का भय नहीं होता है, क्योंकि हनुमान जी उसके सारे संकट हर लेते हैं. 

Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | CM Yogi On Namaz: सड़क पर नमाज पढ़ने को लेकर योगी का आदेश | Sawaal India Ka