आंवले के पेड़ की पूजा कब की जाती है और कौन से मंत्र का जाप करना चाहिए?

Mantra jap importance : तुलसी और आंवले जैसे कई पौधों को पवित्र और पूजनीय माना जाता है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार आंवले के पेड़ की पूजा के समय मंत्रोच्चार का विशेष महत्व है.

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आंवले के पेड़ की पूजा करते समय दिशा का ध्यान रखना जरूरी होता है.

Amla plant pooja : हिंदू धर्म में प्रकृति पूजन का विशेष महत्व है. हम कई तरह के पेड़ पौधे, जीव जंतु से लेकर सूर्य चंद्रमा तक की पूजा करते हैं. खासकर तुलसी और आंवले जैसे कई पौधों को पवित्र और पूजनीय माना जाता है और उसकी पूजा की जाती है. धार्मिक ग्रंथों में पौधों की पूजा के महत्व और विधियों का उल्लेख मिलता है. उसके अनुसार पूजा के समय मंत्रोच्चार का विशेष महत्व है. आइए जानते हैं आंवले के पेड़ की पूजा कब की जाती है और कौन से मंत्र का जाप करना चाहिए.  भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठर को बताए थे वास्तु के ये पांच उपाय, जानिए किन चीजों से घर में आती है सुख-समृद्धि

कब होती है आंवले की पेड़ की पूजा - सनातन पंचांग के अनुसार हर माह की नवमी तिथि को आंवले के पेड़ की पूजा करना सबसे शुभ फल देने वाला माना गया है. आंवले के पेड़ की पूजा से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं. आंवले के पेड़ की पूजा के दौरान ऊँ धात्र्यै नम: मंत्र का जाप करना चाहिए. ऊँ धात्र्यै नम: मंत्र का जाप करने से पूजा संपूर्ण होती है और उसका पूरा लाभ मिलता है.

भगवान विष्णु होंगे प्रसन्न - मान्यता है कि हर माह की नवमी तिथि को आंवले के पेड़ की पूजा से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं जबकि पूजा के समय ऊँ धात्र्यै नम: मंत्र का जाप करने से जीवन में दुख और कष्टों से छुटकारा मिलता है और धन की कमी नहीं रहती है.

दिशा का ध्यान- आंवले के पेड़ की पूजा करते समय दिशा का ध्यान रखना जरूरी होता है. पेड़ की पूजा करते समय चेहरा हमेशा पूर्व की दिशा की ओर रखना चाहिए. पूजा समाप्त होने पर सात बार पेड़ की परिक्रमा करना चाहिए. इससे भगवान विष्णु कृपा करते हैं.

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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