Adhik Kalashtami Ki Puja Ke Upay: पंचांग के अनुसार आज अधिक मास की कालाष्टमी है, जो कि देवों के देव कहलाने वाले महादेव के रुद्रावतार भगवान भैरव की पूजा के लिए समर्पित है. भगवान शंकर के अंश कहे जाने वाले भगवान भैरव की पूजा सभी दुखों को दूर करके सुख-सौभाग्य दिलाने वाली मानी गई है. हिंदू मान्यता के अनुसार विकराल रूप होने के बाद भी भगवान भैरव बड़े ही दयालु हैं. मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से भगवान भैरव की साधना करता है, उस पर उनकी शीघ्र ही कृपा बरसती है. आइए भगवान भैरव की पूजा विधि और उससे जुड़े उन उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं, जिसे करने पर साधक के सभी सोचे हुए कार्य सफल होते हैं और उसे जीवन में किसी भी प्रकार का भय या दुख नहीं सताता है.
अधिक कालाष्टमी 2026 का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार अधिक ज्येष्ठ मास के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि 08 जून 2026,सोमवार को पूर्वाह्न 03:24 बजे प्रारंभ होकर अगले दिन 09 जून 2026, मंगलवार को सुबह 03:23 बजे समाप्त होगी. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार भगवान भैरव की कृपा बरसाने वाले कालाष्टमी का व्रत और पूजन आज दिनांक 08 जून 2026,सोमवार को करना ही फलदायी रहेगा.
भगवान काल भैरव की पूजा विधि
भगवान काल भैरव की पूजा का पुण्यफल पाने के लिए साधक को प्रात:काल तन और मन से पवित्र होने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए. इसके बार भगवान भैरव के व्रत और पूजन का संकल्प करें. इसके बाद किसी भैरव मंदिर में जाकर या फिर अपने घर में सबसे पहले भगवान भैरव की प्रतिमा या चित्र पर गंगा जल छिड़कना चाहिए. फिर भगवान भैरव तिलक और पुष्प अर्पित् करें. इसके पश्चात् धूप-दीप, नारियल, इमरती, काले चने, गुलगुला, सरसों का तेल, आदि अर्पित करना चाहिए. इसके बाद भगवान भैरव की कथा का पाठ और आरती करें. अधिक कालाष्टमी व्रत की पूजा के अंत में भगवान भैरव की आरती करने के बाद सभी को प्रसाद बांटें.
भगवान काल भैरव का मंत्र
ॐ कालभैरवाय नम:.
ॐ ह्रीं बं बटुकाय मम आपत्ति उद्धारणाय. कुरु कुरु बटुकाय बं ह्रीं ॐ फट स्वाहा.
भगवान बटुक भैरव का मंत्र
ॐ ह्रीं बं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं.
भगवान काल भैरव की पूजा का महाउपाय
- भगवान काल भैरव से मनचाहा आशीर्वाद पाने के लिए आज अधिक कालाष्टमी पर साधक को उनकी पूजा में कालभैरवाष्टकम् (Kaal Bhairava Ashtakam) का विशेष रूप से पाठ करना चाहिए.
- यदि आप किसी कारणवश आप कालभैरवाष्टकम् न पढ़ पाएं तो आप भगवान भैरव का गुणगान करने वाली भैरव चालीसा का श्रद्धा और विश्वास के साथ पाठ कर सकते हैं.
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- हिंदू मान्यता के अनुसार आज अधिक मास की कालाष्टमी पर भगवान भैरव को नींबू की माला अर्पित करने पर साधक की शीघ्र ही मनोकामना पूरी होती है.
- कालाष्टमी पर भगवान भैरव को प्रसन्न करने के लिए साधक को किसी भैरव मंदिर में जाकर काजल और कपूर का दान करना चाहिए.
- भगवान कालभैरव या फिर उनके बाल स्वरूप बटुक भैरव की कृपा पाने के लिए साधक को आज कालाष्टमी पर उनके मंत्रों का अधिक से अधिक जप करना चाहिए.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)