CTET निकालने के बाद TET देने का क्या है फायदा? जानें दोनों में क्या है अंतर

टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) अलग-अलग राज्य सरकार आयोजित करती है.TET एग्जाम पास करने के बाद, कैंडिडेट केवल संबंधित राज्य सरकार के अंतर्गत आनेवाले  स्कूलों में ही नौकरी के लिए एलिजिबल होता है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन नेशनल लेवल पर CTET एग्जाम ऑर्गनाइज़ करता है.

जो लोग टीचर बनना चाहते हैं, उन्हें CTET और TET एग्जाम से गुजरना होता है. सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) का आयोजन हर साल सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) कंडक्ट करता है. ये एक नेशनल एग्जाम है. जिसे पास करने के बाद सेंट्रल गवर्नमेंट स्कूल में नौकरी पाई जाती है. जो उम्मीदवार इस एग्जाम को पास करते हैं, वो केंद्रीय विद्यालय (KV), नवोदय विद्यालय (NVS) में नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं और क्लास I से VIII तक के स्टूडेंट्स को पढ़ा सकते हैं. CTET सर्टिफ़िकेट ज़िंदगी भर के लिए वैलिड होता है. सेंट्रल गवर्नमेंट स्कूलों के अलावा प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने के लिए भी ये जरूरी होता है.

क्या होत है TET एग्जाम

टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) अलग-अलग राज्य सरकार आयोजित करती है. TET एग्जाम पास करने के बाद, कैंडिडेट केवल संबंधित राज्य सरकार के अंतर्गत आनेवाले  स्कूलों में ही नौकरी के लिए एलिजिबल होता है. अगर कोई व्यक्ति यूपी सरकार की और से आयोजित होने वाला UPTET क्वालिफाई करता है तो उसे उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए एलिजिबल माना जाता है.

ये भी पढ़ें- BMC के मेयर को कितनी सैलरी मिलती है? जानें क्या होती है पावर

सरल शब्दों में दोनों के बीच में क्या अंतर है ये समझा जाए तो, हर साल, सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन नेशनल लेवल पर CTET एग्जाम ऑर्गनाइज़ करता है. वहीं स्टेट अथॉरिटी स्टेट लेवल पर TET एग्जाम कंडक्ट होता है. TET एग्जाम में दो पेपर होते हैं. पेपर 1 और पेपर 2. पेपर 1 प्राइमरी लेवल (क्लास 1 से 5) के लिए होता है. पेपर 2 अपर प्राइमरी लेवल (क्लास 6 से 10) के लिए होता है.

CTET निकालने के बाद TET दिया जाए तो आप नेशनल के साथ-साथ राज्य सरकार के स्कूलों में भी नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं. 

एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया-

CTET के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

सीनियर सेकेंडरी (क्लास 12) या ग्रेजुएशन में कम से कम 50% मार्क्स के साथ मान्यता प्राप्त टीचिंग डिप्लोमा/डिग्री (जैसे D.El.Ed, B.Ed) होना अनिवार्य है

TET के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

TET के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया राज्य के हिसाब से अलग-अलग होता है; आमतौर पर सीनियर सेकेंडरी या ग्रेजुएशन में 50% मार्क्स के साथ मान्यता प्राप्त टीचिंग डिप्लोमा/डिग्री अनिवार्य है.

Advertisement
Featured Video Of The Day
Nepal Crisis की इनसाइड स्टोरी: Mosque पर हमले के बाद Birgunj में क्यों भड़की हिंसा?