69000 Shikshak Bharti: उत्तर प्रदेश में 69,000 शिक्षक भर्ती को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी खासा नाराज चल रहे हैं. भर्ती में आरक्षण में भेदभाव को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं. वहीं अब नाराज अभ्यर्थी आज (2 फरवरी को) लखनऊ में इसको लेकर प्रदर्शन भी करने वाले हैं. अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में सही से उनका पक्ष नहीं रख रही है, जिससे की ये मामला लटका हुआ है. दरअसल मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में सितंबर, 2024 को हुई थी और अब अगली सुनवाई 4 फरवरी को है. सुनवाई में हो रही देरी से ये लोग नाराज हैं.
क्या है सरकार से शिकायत
प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में सही से उनका पक्ष नहीं रख रही है. 25 अक्टूबर, 2025 को प्रदर्शन करने वाले एक अभ्यर्थी ने कहा था कि हाईकोर्ट से हमारे पक्ष में फैसला आया. फिर मामला सुप्रीम कोर्ट गया. लेकिन सरकार सुप्रीम कोर्ट में हमारी पैरवी सही से नहीं कर रही है. अक्टूबर को गुस्से अभ्यर्थियों ने मंत्री संदीप सिंह और डिप्टी सीएम केशव मौर्य के आवास का घेराव किया था और जमकर नारेबाजे की थी. पुलिस की मदद से इनको वहां से हटाआ गया था.
क्या है पूरा मामला
प्रदर्शन करने वाले अभ्यर्थियों का आरोप है कि 69,000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बेसिक एजुकेशन रूल 1981 और रिजर्वेशन रूल1994 का उल्लंघन किया गया है. पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप और प्रदेश संरक्षक भास्कर सिंह ने एक मीडिया हाऊस से बात करते हुए कहा ,था इस भर्ती में OBC कैटेगरी को 27% की जगह सिर्फ़ 3.86% रिज़र्वेशन दिया गया है. SC कैटेगरी को 21% की जगह सिर्फ़ 16.2% रिज़र्वेशन दिया गया है. इस भर्ती में बहुत बड़ा रिज़र्वेशन घोटाला हुआ है'.
वहीं इस मामले पर बेसिक एजुकेशन डिपार्टमेंट के अधिकारियों का कहना है कि मामला कोर्ट में पेंडिंग है और वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे.