Rajasthan Pachpadra Refinery Plant: राजस्थान के बालोतरा में देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी बन रही है. इसकी सालाना क्षमता 9 मिलियन मीट्रिक टन (9 MMTPA) होगी. पर क्या आप जानते हैं कि ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड रिफाइनरी में क्या अंतर होता है और ग्रीनफील्ड रिफाइनरी की इतनी चर्चा क्यों है.
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ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड में अंतर
ग्रीनफील्ड योजना को पूरी तरह से खाली जमीन पर शुरू किया जाता है. जहां पहले से कुछ नहीं बना होता. यानी यहां पहले से फैक्ट्री, बिल्डिंग आदि नहीं होती. यही कारण है कि डिजाइन आदि के अनुरूप यहां काम करने में परेशानी नहीं होती है. यह खाली जमीन पर शुरू होता है. इसे शुरुआत से ही भविष्य को ध्यान में रखकर पर्यावरण फ्रेंडली बनाया जाता है.
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वहीं, ब्राउनफील्ड परियोजना वह होती है जहां पहले से कोई काम हो रहा हो. या जमीन उपयोग में आई हो. जैसे कोई पुराना उद्योग हो, या फैक्ट्री हो आदि हो. यहां पुर्ननिर्माण किया जाता है. यह विकसित जमीन पर होता है.
क्यों चर्चा में है राजस्थान की ग्रीनफील्ड रिफाइनरी
यह देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी है. यह हर साल 90 लाख टन कच्चे तेल को प्रोसेस करेगी. यानी इस रिफाइनरी में इतना तेल प्रोसेस हो सकेगा, जो हर दिन देश की लाखों कारों की टंकी को फुल करने के लिए काफी होगा. ये रिफाइनरी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और राजस्थान सरकार मिलकर तैयार कर रहे हैं.
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