- CBI ने अदालत को बताया कि NEET पेपर लीक राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के अंदरूनी सोर्स तक जाता है.
- जांच में कई अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका सामने आई है जो पेपर प्रिंटिंग तक पहुंच रखते थे.
- देशभर में 14 जगहों पर छापेमारी की गई, जिसमें नए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में बड़ा ट्विस्ट सामने आया है. CBI ने दिल्ली की अदालत को बताया कि पेपर लीक की कड़ी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अंदर तक जाती है. इस खुलासे के बाद पूरी परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
‘NTA सोर्स' तक पहुंची जांच
CBI के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी शुभम खैरनार को लीक हुआ पेपर पुणे के एक व्यक्ति के जरिए मिला था, जिसे यह पेपर 'NTA के अंदर के सोर्स' से मिला था. अदालत ने भी इस दावे को अपने आदेश में दर्ज किया है, जिससे जांच की दिशा अब सीधे NTA के अंदरूनी नेटवर्क की ओर मुड़ गई है.
कई अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में
जांच एजेंसी अब उन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका खंगाल रही है, जिन्हें पेपर प्रिंटिंग प्रेस तक पहुंच थी. परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी संवेदनशील जानकारी मिली हुई थी. CBI सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में सरकारी कर्मियों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता.

नई गिरफ्तारियां, देशभर में छापेमारी
CBI ने कार्रवाई तेज करते हुए अहिल्यानगर से धनंजय लोखंडे, पुणे से मनीषा वाघमारे को गिरफ्तार किया है. पिछले 24 घंटों में देशभर में 14 जगहों पर छापेमारी भी की गई है, जिससे केस में और सबूत जुटाए गए हैं.
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कैसे हुआ पूरा खेल
जांच में अब तक सामने आया है कि शुभम खैरनार ने अप्रैल में यश यादव को बताया कि पेपर का इंतजाम हो सकता है. इसके बाद 10–12 लाख रुपये में सौदा तय हुआ. फिर 500–600 सवाल पहले ही मुहैया करा दिए गए. कहा गया कि इन सवालों से अच्छे मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए जरूरी अंक हासिल किए जा सकते हैं.
राजस्थान कनेक्शन भी आया सामने
CBI ने पहले जयपुर से मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल और गुरुग्राम से यश यादव को गिरफ्तार किया था. जांच में सामने आया कि 150 सवाल मैच होने की शर्त पर 10 लाख रुपये का सौदा हुआ. जांच में यह भी सामने आया कि पेपर आरोपी ने अपने बेटे और रिश्तेदारों तक भी पहुंचाया.

असली मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश में जुटी CBI
एजेंसी को अब तक चैट रिकॉर्ड, लीक प्रश्नपत्र और अन्य डिजिटल सबूत मिल चुके हैं. अब इन डिवाइस की फॉरेंसिक जांच होगी, ताकि डिलीट डेटा भी निकाला जा सके और असली मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके.
23 लाख छात्रों का भविष्य दांव पर
बता दें कि NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को हुई थी. यह परीक्षा 551 शहरों और 14 विदेशी सेंटर में आयोजित की गई. इसमें करीब 23 लाख छात्रों ने पेपर दिए. बाद में पेपर लीक का मुद्दा उठा. गेस पेपर सामने आने के बाद हंगामा हुआ और NTA ने परीक्षा रद्द करने का ऐलान किया. इस फैसले से लाखों छात्रों में भारी निराशा है.
‘गेस पेपर' से भी खुला राज
राजस्थान पुलिस की SOG के मुताबिक, परीक्षा से पहले जो 'गेस पेपर' बांटा गया था उसमें करीब 410 सवाल थे. जिनमें से करीब 120 सवाल असली पेपर में आए. इससे लीक की पुष्टि और मजबूत हो गई.
गौरतलब है कि NEET पेपर लीक अब सिर्फ बाहरी गिरोह का मामला नहीं रह गया है. NTA के अंदर तक पहुंचने की आशंका ने इस घोटाले को और गंभीर बना दिया है. आने वाले दिनों में यह जांच तय करेगी कि देश की सबसे अहम परीक्षा कितनी सुरक्षित है.
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